पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बवाल, ट्रांसपोर्टरों ने किया हड़ताल, देशभर में चक्का जाम

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Islamabad: पाकिस्तान में आर्थिक मोर्चे पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों और भारी जुर्मानों के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों ने देशभर में अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल का ऐलान कर दिया है, जिससे सप्लाई सिस्टम पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है. सरकार और ट्रांसपोर्ट संगठनों के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद शुक्रवार रात से ही कई जगहों पर ट्रांसपोर्ट सेवाएं रोक दी गईं. अब शनिवार से यह हड़ताल पूरे देश में लागू होगी, जिससे आयात-निर्यात और घरेलू माल ढुलाई ठप पड़ सकती है.

ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी बोझ

पाकिस्तान मिनी माजदा एसोसिएशन और ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. संगठनों के नेताओं का कहना है कि सरकार की रोजाना ईंधन कीमत तय करने की नीति से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी बोझ पड़ रहा है. उनकी मांग है कि कीमतें मासिक आधार पर तय की जाएं, ताकि कारोबार में स्थिरता आ सके.

अन्यायपूर्ण जुर्मानों को भी बड़ा मुद्दा बताया

इसके अलावा ट्रांसपोर्टरों ने टोल टैक्स और अन्यायपूर्ण जुर्मानों को भी बड़ा मुद्दा बताया है. उनका आरोप है कि हर साल अरबों रुपये टोल के रूप में वसूले जाते हैं, लेकिन बदले में सड़कें बदहाल हैं और सिस्टम में भ्रष्टाचार फैला हुआ है. एक्सल-लोड नियमों के नाम पर भी मनमानी वसूली का आरोप लगाया गया है. हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 3.19 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी.

वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला

इसके बावजूद देश में पेट्रोल करीब 329.82 रुपये प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल 382.36 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जिस पर भारी टैक्स भी लगा हुआ है. सरकार ने वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए हाल ही में ईंधन की कीमतें रोजाना तय करने की नई व्यवस्था लागू की है. लेकिन ट्रांसपोर्ट सेक्टर का कहना है कि इस फैसले ने उनकी लागत और अनिश्चितता दोनों बढ़ा दी है.

पाकिस्तान के लिए यह हड़ताल नई मुसीबत

ऐसे में पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे पाकिस्तान के लिए यह हड़ताल नई मुसीबत बन सकती है. अगर चक्का जाम लंबा खिंचता है, तो देश में जरूरी सामान की सप्लाई, व्यापार और उद्योग सभी पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है.

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