20 October 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

20 October 2026 Ka Panchang:  20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है. इस दिन नवमी तिथि दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी. इस दिन नवमी तिथि में हवन आदि धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे. साथ ही विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व भी मनाया जाएगा. यह त्योहार भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक माना जाता है. मंगलवार को शाम 6 बजकर 2 मिनट तक श्रवण नक्षत्र रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं 20 अक्टूबर का पंचांग, विजयादशमी पूजा का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अन्य शुभ-अशुभ समय और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय.

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • दिन: मंगलवार.
  • मास: आश्विन.
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष.
  • तिथि: नवमी, दोपहर 12:51 बजे तक. इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी.
  • नक्षत्र: श्रवण, शाम 6:02 बजे तक.
  • विशेष पर्व: विजयादशमी यानी दशहरा.

विजयादशमी पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी. इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी. दशमी तिथि का समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा. विजयादशमी के दिन पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए विजय मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 19 मिनट से दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. वहीं, अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक बताया गया है.

शुभ मुहूर्त एक नजर मे

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:19 बजे से 3:06 बजे तक.
  • अपराह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 1:33 बजे से 3:53 बजे तक.

20 अक्टूबर 2026 को राहुकाल का समय

  • दिल्ली: दोपहर 2:56 बजे से शाम 4:21 बजे तक.
  • मुंबई: दोपहर 3:18 बजे से शाम 4:45 बजे तक.
  • चंडीगढ़: दोपहर 2:57 बजे से शाम 4:22 बजे तक.
  • लखनऊ: दोपहर 2:42 बजे से शाम 4:08 बजे तक.
  • भोपाल: दोपहर 2:58 बजे से शाम 4:24 बजे तक.
  • कोलकाता: दोपहर 2:14 बजे से दोपहर 3:41 बजे तक.
  • अहमदाबाद: दोपहर 3:17 बजे से शाम 4:43 बजे तक.
  • चेन्नई: दोपहर 2:50 बजे से शाम 4:19 बजे तक.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर.
  • सूर्यास्त: शाम 5 बजकर 46 मिनट पर.

विजयादशमी यानी दशहरा का धार्मिक महत्व

विजयादशमी को दशहरा के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध कर लंका पर विजय प्राप्त की थी. इसी विजय की स्मृति में हर साल दशहरा मनाया जाता है. देश के कई हिस्सों में इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है. विजयादशमी को नई शुरुआत के लिए भी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन नया व्यवसाय शुरू करना, नए कार्य की योजना बनाना और लेखन या शिक्षा से जुड़े कामों की शुरुआत करना मंगलकारी होता है. इस दिन लोग शस्त्र पूजा भी करते हैं और अपने कार्यों में सफलता की कामना करते हैं. विजयादशमी का संदेश यही है कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हुए अन्याय तथा बुराई के खिलाफ खड़े रहना चाहिए. यह पर्व लोगों को अच्छे कर्म करने और जीवन में सकारात्मक शुरुआत करने की प्रेरणा देता है.

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