29 April 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 29 अप्रैल, दिन बुधवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…
आज का पंचांग
बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिसमें प्रदोष व्रत और सर्वार्थसिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं.
- विक्रम संवत् – 2083
- संवत्सर नाम – रौद्र
- शक संवत् – 1948
- हिजरी सन् – 1447
- मु. मास – 11 जिल्काद
- अयन – उत्तरायण
- ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
- मास – वैशाख
- पक्ष – शुक्ल
आज का चौघड़िया
| चौघड़िया प्रकार | समय (आरंभ – समाप्ति) | विवरण |
|---|---|---|
| लाभ व अमृत | सूर्योदय – 9:09 | शुभ कार्य के लिए उत्तम |
| शुभ | 10:47 – 12:24 | शुभ कार्य प्रारम्भ कर सकते हैं |
| चर | 3:39 – 5:17 | सामान्य शुभ कार्य हेतु |
| लाभ | 5:17 – सूर्यास्त | शुभ कार्य के लिए अच्छा |
- दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए.
- राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक
- तिथि – त्रयोदशी तिथि रात्रि 7.52 तक होगी तदुपरान्त चतुर्दशी तिथि होगी.
- नक्षत्र – हस्त नक्षत्र रात्रि 12.16 तक होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा.
- योग – हर्षण योग रात्रि 8.51 तक रहेगा तदुपरान्त वज्र योग रहेगा.
- करण – कौलव करण प्रातः 7.22 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा.
- विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से रात्रि 12-16 तक. रवियोग रात्रि 12-16 से प्रारम्भ,
- व्रत/दिवस विशेष – प्रदोष व्रत, ग्रीष्मोत्सव प्रारंभ तीन दिन का माऊँट आब् (राज.), अगस्त्य नक्षत्र अस्त रात्रि 4-35 पर, विवाह मुहर्त्त चित्रा में,
- चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कन्या राशि में होगा.
आज जन्म लेने वाले बच्चे
- आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कन्या होगी.
- आज रात्रि 12.16 तक जन्म लेने वाले बच्चों का हस्त नक्षत्र होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा.
- आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा.
- आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ष, ण, ठ, पे पर रखे जा सकते हैं.
कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं. ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं. इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं. ये कोमल स्वभाव के होते हैं. संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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