01 June 2026 Ka Panchang: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है. 1 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. इस दिन अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी. साथ ही साध्य योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है. इतना ही नहीं, सोमवार देर रात देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में गोचर करेंगे, जिसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण घटना माना जाता है.
यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ, खरीदारी, निवेश या अन्य शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है. आइए जानते हैं 1 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग….
01 जून 2026 का पंचांग
- तिथि: अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- प्रतिपदा तिथि समाप्त: शाम 4 बजकर 38 मिनट तक
- योग: साध्य योग
- साध्य योग समाप्त: 2 जून सुबह 7 बजकर 16 मिनट तक
- नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र
- ज्येष्ठा नक्षत्र समाप्त: शाम 7 बजकर 9 मिनट तक
- विशेष: सोमवार देर रात 1 बजकर 47 मिनट पर गुरु कर्क राशि में गोचर करेंगे
01 जून 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:34 बजे से सुबह 5:17 बजे तक
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:10 बजे से 1:03 बजे तक
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:48 बजे से 3:41 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त
शाम 7:11 बजे से 7:33 बजे तक
अमृत काल
सुबह 9:16 बजे से 11:03 बजे तक
01 जून 2026 के अशुभ समय
राहुकाल
सुबह 7:39 बजे से 9:18 बजे तक
यमगण्ड
सुबह 10:57 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
आडल योग
शाम 7:08 बजे से 2 जून सुबह 6:00 बजे तक
दुर्मुहूर्त
दोपहर 1:03 बजे से 1:56 बजे तक
गुलिक काल
दोपहर 2:15 बजे से 3:54 बजे तक
गण्ड मूल
पूरे दिन
बाण रोग
रात्रि 10:53 बजे से पूरी रात तक
प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय
| शहर | राहुकाल |
|---|---|
| दिल्ली | सुबह 07:08 – 08:51 |
| मुंबई | सुबह 07:40 – 09:19 |
| चंडीगढ़ | सुबह 07:06 – 08:51 |
| लखनऊ | सुबह 06:56 – 08:39 |
| भोपाल | सुबह 07:15 – 08:56 |
| कोलकाता | सुबह 06:33 – 08:13 |
| अहमदाबाद | सुबह 07:35 – 09:15 |
| चेन्नई | सुबह 07:18 – 08:54 |
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:13 बजे
आज का विशेष ज्योतिषीय महत्व
1 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि सोमवार देर रात 1 बजकर 47 मिनट पर देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. गुरु ग्रह को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान और समृद्धि का कारक माना जाता है. ऐसे में गुरु का यह राशि परिवर्तन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव लेकर आ सकता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है. वहीं शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त, विजय मुहूर्त और अमृत काल को उत्तम माना गया है, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और पंचांग आधारित सूचनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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