04 July 2026 Ka Panchang: आज 4 जुलाई 2026, शनिवार है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगी. इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी. आज धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र लगेगा. प्रीति योग शाम 5 बजकर 1 मिनट तक रहेगा और फिर आयुष्मान योग शुरू होगा.
आज चंद्रमा पूरे दिन और रात कुंभ राशि में संचार करेगा, जबकि सूर्य मिथुन राशि में स्थित है. शनिवार को राहुकाल सुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक है. ऐसे में दिन के जरूरी कार्यों की योजना बनाने से पहले आज की तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय पर नजर डाल लें.
4 जुलाई 2026 का पंचांग
- वार: शनिवार
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: चतुर्थी दोपहर 12:40 बजे तक, इसके बाद पंचमी
- नक्षत्र: धनिष्ठा दोपहर 1:43 बजे तक, इसके बाद शतभिषा
- योग: प्रीति शाम 5:01 बजे तक, इसके बाद आयुष्मान
- करण: बालव दोपहर 12:40 बजे तक, इसके बाद कौलव
- विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
- शक संवत: 1948, पराभव
- पूर्णिमांत मास: आषाढ़
- अमांत मास: ज्येष्ठ
आज का शुभ मुहूर्त
4 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 5 बजकर 1 मिनट तक है. पंचांग के अनुसार आज अमृत काल उपलब्ध नहीं है.
आज का राहुकाल और अशुभ समय
शनिवार को राहुकाल सुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. यम गण्ड दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से 3 बजकर 51 मिनट तक और कुलिक काल सुबह 5 बजकर 49 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. दुर्मुहूर्त सुबह 7 बजकर 36 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक है, जबकि वर्ज्यम् रात 9 बजकर 21 मिनट से 11 बजकर 3 मिनट तक रहेगा.
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:49 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
- चंद्रोदय: रात 10:20 बजे
- चन्द्रास्त: 5 जुलाई सुबह 10:13 बजे
आज सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य मिथुन राशि में स्थित है. चंद्रमा पूरे दिन और रात कुंभ राशि में संचार करेगा. आनन्दादि योग में वर्धमान दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद आनन्द योग शुरू होगा.
आज का चंद्र मास और ऋतु
अमांत गणना के अनुसार ज्येष्ठ मास और पूर्णिमांत गणना के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है. राष्ट्रीय शक कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ 13, शक संवत 1948 है. वैदिक ऋतु ग्रीष्म और द्रिक ऋतु वर्षा है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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