14 September 2026 Ka Panchang: आज, 14 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की उदया तिथि तृतीया और सोमवार का दिन है. आज सुबह 7 बजकर 7 मिनट पर तृतीया तिथि समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. सोमवार को हरितालिका तीज का व्रत भी रखा जाएगा. इसके साथ ही आज से दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है. पंचांग के अनुसार आज दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक ब्रह्म योग रहेगा, जबकि चित्रा नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगा. धार्मिक दृष्टि से भी आज का दिन खास है, क्योंकि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से गणेश उत्सव शुरू होता है. आइए जानते हैं आज 14 सितंबर 2026 का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और गणेश उत्सव से जुड़ी खास बातें…
14 सितंबर 2026 का पंचांग
- तृतीया तिथि: आज सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगी. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी.
- ब्रह्म योग: आज दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.
- चित्रा नक्षत्र: आज दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगा.
- विशेष: आज हरितालिका तीज का व्रत रखा जाएगा और दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होगी.
14 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:32 बजे से 5:19 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 4:56 बजे से 6:05 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:20 बजे से 3:10 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:28 बजे से 6:51 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 6:28 बजे से 7:37 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 7:18 बजे से 8:57 बजे तक
14 सितंबर को राहुकाल का समय
- दिल्ली: सुबह 7:38 बजे से 9:11 बजे तक
- मुंबई: सुबह 7:58 बजे से 9:30 बजे तक
- चंडीगढ़: सुबह 7:39 बजे से 9:12 बजे तक
- लखनऊ: सुबह 7:24 बजे से 8:57 बजे तक
- भोपाल: सुबह 7:39 बजे से 9:11 बजे तक
- कोलकाता: सुबह 6:55 बजे से 8:28 बजे तक
- अहमदाबाद: सुबह 7:58 बजे से 9:30 बजे तक
- चेन्नई: सुबह 7:30 बजे से 9:01 बजे तक
आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:05 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:28 बजे
आज से शुरू हो रहा गणेश उत्सव
14 सितंबर से दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है. यह उत्सव भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होकर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है. इस वर्ष गणेश उत्सव 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक चलेगा. गणेश उत्सव के पहले दिन घरों और पूजा स्थलों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है. इसके बाद श्रद्धालु कई दिनों तक विधि-विधान से गणपति की पूजा-अर्चना करते हैं.
उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन किया जाता है. हालांकि, सभी लोग पूरे दस दिनों तक गणपति की स्थापना नहीं करते. कई परिवार अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन के लिए भी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं. इसके बाद निर्धारित दिन विधि-विधान से विसर्जन किया जाता है.
हरितालिका तीज का भी है विशेष महत्व
आज सोमवार को हरितालिका तीज का व्रत भी रखा जाएगा. इस व्रत को भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महिलाएं सुखी दांपत्य जीवन और पति की लंबी आयु की कामना के साथ व्रत और पूजा करती हैं. इस तरह 14 सितंबर का दिन तिथि, शुभ योग और धार्मिक पर्वों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. सुबह तृतीया तिथि समाप्त होने के बाद चतुर्थी शुरू होगी और इसी के साथ गणेश उत्सव का शुभारंभ होगा.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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