Aaj Ka Panchang 22 July 2026: 22 जुलाई 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है. आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है. पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत स्वाति नक्षत्र में होगी, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा. वहीं शाम तक साध्य योग रहेगा और उसके बाद शुभ योग का संयोग बनेगा. ऐसे में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए यह दिन महत्वपूर्ण माना गया है. आइए जानते हैं 22 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग.
22 जुलाई 2026 का पंचांग
- वार: बुधवार
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: नवमी (वृद्धि तिथि), 23 जुलाई सुबह 7:03 बजे तक.
- नक्षत्र: स्वाति नक्षत्र रात 11:03 बजे तक, इसके बाद विशाखा नक्षत्र.
- योग: साध्य योग शाम 6:41 बजे तक, इसके बाद शुभ योग.
- करणl: बालव शाम 6:06 बजे तक, इसके बाद कौलव.
- चंद्र राशि: तुला राशि (पूरा दिन-रात).
- सूर्य राशि: कर्क राशि.
22 जुलाई 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:21 बजे से 5:09 बजे तक.
- अमृत काल: दोपहर 1:26 बजे से 3:11 बजे तक.
- अभिजीत मुहूर्त: नहीं है.
22 जुलाई 2026 का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:33 बजे से 2:12 बजे तक.
- यमगण्ड: सुबह 7:36 बजे से 9:15 बजे तक.
- कुलिक काल: सुबह 10:54 बजे से 12:33 बजे तक.
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक.
- वर्ज्यम्: सुबह 5:16 बजे से 7:03 बजे तक.
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:57 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:09 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 1:22 बजे
- चंद्रास्त: 23 जुलाई रात 12:30 बजे
स्वाति और विशाखा नक्षत्र का महत्व
आज रात 11:03 बजे तक स्वाति नक्षत्र रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में स्वाति नक्षत्र को स्वतंत्रता, प्रगति और नए कार्यों के लिए शुभ माना जाता है. इसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसे लक्ष्य प्राप्ति, परिश्रम और सफलता का प्रतीक माना जाता है.
साध्य योग और शुभ योग का महत्व
पंचांग के अनुसार आज शाम 6:41 बजे तक साध्य योग रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस योग में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और शुभ कार्य करना फलदायी माना जाता है. इसके बाद शुभ योग शुरू होगा, जिसे मांगलिक कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है.
Disclaimer: यह जानकारी पंचांग, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता. किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य विद्वान से परामर्श अवश्य लें.