07 August 2026 Ka Panchang: शुक्रवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Aaj Ka Panchang 7 August 2026: आज 7 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. आज श्रावण कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, वृद्धि योग और शुक्रवार का विशेष संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और देवी संतोषी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है. यदि आप आज पूजा-पाठ, व्रत, दान या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जरूर जान लें.

7 अगस्त 2026 का पंचांग

  • तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष नवमी (शाम 4:37 बजे तक), इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी.
  • नक्षत्र: कृत्तिका (शाम 6:43 बजे तक), इसके बाद रोहिणी नक्षत्र.
  • योग: वृद्धि योग (दोपहर 12:10 बजे तक), इसके बाद ध्रुव योग.
  • करण: गर (शाम 4:37 बजे तक), इसके बाद वणिज, फिर विष्टि करण.
  • वार: शुक्रवार.
  • सूर्य राशि: कर्क.
  • चंद्र राशि: चंद्रमा पूरे दिन और रात वृषभ राशि में संचार करेगा.

7 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:27 बजे से 5:15 बजे तक.
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:58 बजे तक.
  • अमृत काल: शाम 4:27 बजे से 5:57 बजे तक.

आज का राहुकाल

  • राहुकाल: सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक.

अन्य अशुभ मुहूर्त

  • यमगण्ड: दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:24 बजे तक.
  • कुलिक काल: सुबह 7:41 बजे से 9:18 बजे तक.
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 8:39 बजे से 9:31 बजे तक तथा दोपहर 12:58 बजे से 1:50 बजे तक.
  • वर्ज्यम: सुबह 7:28 बजे से 8:58 बजे तक.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 6:03 बजे.
  • सूर्यास्त: शाम 7:01 बजे.
  • चंद्रोदय: 7 अगस्त रात 12:00 बजे.
  • चंद्रास्त: दोपहर 2:02 बजे.

शुक्रवार का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और देवी संतोषी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने, सफेद या गुलाबी पुष्प अर्पित करने और जरूरतमंदों को दान देने से सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है.

आज श्रावण कृष्ण नवमी होने के साथ वृद्धि योग और उसके बाद ध्रुव योग का संयोग भी बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों में भगवान की आराधना, मंत्र जाप, दान-पुण्य और धार्मिक कार्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. वहीं, चंद्रमा का पूरे दिन वृषभ राशि में संचार भी कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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