Aaj Ka Panchang 9 August 2026: आज 9 अगस्त 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, कामिका एकादशी व्रत, मृगशीर्षा नक्षत्र और हर्षण योग का शुभ संयोग बन रहा है. सनातन धर्म में कामिका एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. यदि आप आज पूजा-पाठ, व्रत या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जरूर जान लें.
9 अगस्त 2026 का पंचांग
- तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी (सुबह 11:05 बजे तक), इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी.
- नक्षत्र: मृगशीर्षा (दोपहर 2:43 बजे तक), इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र.
- योग: हर्षण योग (रात 2:04 बजे तक), इसके बाद वज्र योग.
- करण: बालव (सुबह 11:05 बजे तक), इसके बाद कौलव (रात 9:34 बजे तक), फिर तैतिल.
- वार: रविवार.
- व्रत एवं पर्व: कामिका एकादशी.
- सूर्य राशि: कर्क.
- चंद्र राशि: चंद्रमा पूरे दिन और रात मिथुन राशि में संचार करेगा.
9 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:28 बजे से 5:16 बजे तक.
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:58 बजे तक.
- अमृत काल: सुबह 6:41 बजे से 8:08 बजे तक तथा अगले दिन तड़के 3:23 बजे से 4:50 बजे तक.
आज का राहुकाल
- राहुकाल: शाम 5:23 बजे से 7:00 बजे तक.
अन्य अशुभ मुहूर्त
- यमगण्ड: दोपहर 12:32 बजे से 2:09 बजे तक.
- कुलिक काल: दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:23 बजे तक.
- दुर्मुहूर्त: शाम 5:16 बजे से 6:08 बजे तक.
- वर्ज्यम: रात 10:19 बजे से 11:46 बजे तक.
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:04 बजे.
- सूर्यास्त: शाम 7:00 बजे.
- चंद्रोदय: रात 1:53 बजे.
- चंद्रास्त: शाम 4:15 बजे.
कामिका एकादशी का महत्व
सनातन धर्म में कामिका एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने, व्रत रखने, तुलसी दल अर्पित करने और विष्णु मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है.
आज मृगशीर्षा नक्षत्र, हर्षण योग और कामिका एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जप, तप, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. वहीं, चंद्रमा का पूरे दिन मिथुन राशि में संचार भी कई मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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