बांग्‍लादेश में तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मामले, अब तक 59 लोगों की मौत, एक्‍सपर्ट ने दी चेतावनी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Bangladesh: बांग्लादेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इस साल अब तक 17,880 मामले सामने आए हैं. स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य महानिदेशालय यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के हवाले से इसकी जानकारी दी. उनके के अनुसार, ढाका डिवीजन इससे सबसे ज्यादा पीड़ित क्षेत्र है. कुल 6,871 दर्ज मामले रिपोर्ट हुए जिसमें से 4,404 मामले तो शहर के ही थे. 3,647 केस के साथ, बारिशाल डिवीजन दूसरे नंबर पर रहा, इसके बाद चटगांव में 3,082 और खुलना में 2,272 केस दर्ज किए गए.
ढाका डिवीजन में मृतकों की संख्या भी सबसे अधिक है, जिससे ये सूची में ये सबसे ऊपर है. बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खुलना में 12 लोगों की मौत हुई, इसके बाद चटगांव और मैमनसिंह में 7 और 6 लोगों ने बीमारी से जान गंवाई. बता दें कि डेंगू, मच्छर से होने वाली वायरल बीमारी है, जो बांग्लादेश में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का रूप लेती जा रही है. यह मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है.

एक्‍सपर्ट की सलाह और चेतावनी

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ बांग्लादेश में जूलॉजी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर जीएम सैफुर रहमान ने बताया कि नवीनतम आंकड़े ढाका के उच्च जनसंख्या घनत्व, लगातार एडीज मच्छर प्रजनन और वेक्टर नियंत्रण उपायों की कमी को दिखाते हैं. ज्यादा आबादी, गर्म मौसम और बहुत ज्यादा ब्रीडिंग ग्राउंड का मेल एडीज मच्छरों और डेंगू वायरस दोनों के लिए साल भर फैलने के लिए सही हालात पैदा करता है. यही वजह है कि ढाका एक बड़ा डेंगू हॉटस्पॉट बन गया है.
उन्होंने कहा कि ‘कुछ ही दिन पहले, सेंट्रल मेट्रोपॉलिटन विमेंस कॉलेज में जांच के दौरान हमने पाया कि पानी के एक छोटे कंटेनर में एडीज मच्छर के लार्वा मौजूद थे. ऐसी ब्रीडिंग साइट्स पूरे शहर में आम हैं, जिससे पता चलता है कि एडीज मच्छर रिहायशी इलाकों में लगातार बढ़ रहे हैं.’

मच्छरों को नियंत्रित करने के उपाय बचाव पर दिया जोर 

इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि मच्छरों को नियंत्रित करने के उपाय बचाव के बजाय ज्यादातर प्रतिक्रिया के रूप में सामने आते रहे हैं, उन्होंने आगे कहा कि ‘सबसे असरदार स्ट्रेटेजी यह होगी कि जब डेंगू का फैलाव काफी कम हो, तब मच्छरों को कंट्रोल करना तेज किया जाए. उस समय ब्रीडिंग साइट्स कम होते हैं और ऐसे में उन्हें नियंत्रित करना आसान होता है. हालांकि, देखा ये जाता है कि मच्छरों को कंट्रोल करने की कोशिश आमतौर पर डेंगू सीजन शुरू होने के बाद ही तेज होता है, तब तक संक्रमण काफी तेजी से फैल चुका होता है.’
Latest News

रूस का यूक्रेन की राजधानी कीव में ड्रोन से हमला, एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत, मकान भी ध्वस्त

Moscow: रूस ने शनिवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्र में हमले किए. इन हमलों में...

More Articles Like This

Exit mobile version