Sawan 2024: यहां है दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंभू शिवलिंग, हर साल बढ़ता है आकार

Shubham Tiwari
Sub Editor The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Famous Temple of Lord Shiva: हिंदू धर्म के पवित्र माह सावन की शुरुआत होते ही सभी शिवालयों में पूजा अर्चन शुरू हो गई है. सभी प्राचीन शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ लग रही है. ऐसे में आज हम आपको ऐसे शिवलिंग के बारे में बता रहे हैं, जो 80 फीट ऊंचे और 230 फीट चौड़ा है. इस शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि इसके आकार में लगातार वृद्धि हो रही है. आइए जानते हैं इसके बारे में….

दरअसल, यह शिवलिंग छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मादौर गांव के घने जंगलो में है. इस शिवलिंग के चमत्कार की बात यह है कि इसकी लंबाई लगातार बढ़ रही है. पहले इस शिवलिंग का आकार बहुत छोटा था, जो अब बहुत बड़ा हो गया है. पूरे सावन माह यहां कावड़ियों की भीड़ लगी रहती है.

दर्शन करने से पूरी होती है मनोकामना

गरियाबांद में स्थित भगवान शिव के इस शिवलिंग को भूतेश्वरनाथ के नाम से पुकारा जाता है. इन दिनों सावन के पवित्र महीने में भूतेश्वर महादेव के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. ऐसी मान्यता है सावन के महीने में जो भक्त वैदिक मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए महादेव का जलाभिषेक करता है, भूतेश्वर महादेव उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं. भूतेश्वर नाथ के दर्शन कर जो मुराद यहां दिल से मांगी जाती है भोलेनाथ उसे जरूर पूरा करते हैं.

जानिए इस शिवलिंग का इतिहास

गरियाबंद के घने जंगलो में स्थित इस शिवलिंग के बारे में बताया जाता है कि सैकड़ों साल पहले जमीनदारी प्रथा के समय पारा गांव के रहने वाले जमीनदार शोभासिंह की यहां पर खेती-बारी थी. शोभासिंह जब भी शाम को खेत में जाता वहां मौजूद टीले के पास उसे सांड के हुंकारने और शेर के दहाड़ने की आवाजें आतीं. उसने गांव वालों को यह बात बताई, उन्होंने भी कहा कि उन्हें यहां इस तरह की आवाजें सुनाई दे रही है. गांव वालों ने आस-पास सांड और शेर को ढूंढा, लेकिन उन्हें दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आया. इसके बाद से ही लोगों ने इसे शिवलिंग का एक रूप मान लिया और महादेव के प्रति उनकी आस्था बढ़ती गई. सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर यहां शिव भक्तों की भारी भीड़ लगती है.

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