Mahashivratri 2026: देशभर में भगवान शिव की आराधना और उपासना के पावन पर्व महाशिवरात्रि को श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों...
Mahashivratri 2026 Puja Samagri: भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि सनातन धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती और शंकर जी का विवाह हुआ था. हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष...
Mahashivratri 2026: हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है. मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि...
15 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र,...
Aaj Ka Rashifal, 15 February 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन हैं. हर राशि का अपना स्वामी ग्रह होता है. ग्रह नक्षत्रों के चाल के आधार पर ज्योतिष हमारे दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल का...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शौनकादि ऋषियों ने सूत जी से प्रश्न किया,आप समस्त पुराणों के ज्ञाता हैं।आपने समस्त पुराणों और धर्मशास्त्रों का अध्ययन किया एवं व्याख्या भी की है। आप वेदव्यास जी के...
14 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य...
Aaj Ka Rashifal, 14 February 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन हैं. हर राशि का अपना स्वामी ग्रह होता है. ग्रह नक्षत्रों के चाल के आधार पर ज्योतिष हमारे दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल का...
Kamzor Shukra Ke Upay: जीवन में हर कोई सोचता है कि उसे सारी सुख-सुविधाएं, ऐशो-आराम मिले और आर्थिक स्थिति अच्छी रहे. इसके साथ ही जीवन में प्रेम भी बना रहे. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि प्रेम संबंध...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जरासंध के जब लगातार आक्रमण होने लगे तब शान्ति और सुरक्षा के लिए श्री कृष्ण ने द्वारिका बसाई। जरासंध अर्थात् जरा- वृद्धावस्था। और द्वारिका अर्थात् 'द्वारे द्वारे कं '।...