29 May 2026 Ka Panchang: शुक्रवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

28 May 2026 Ka Panchang: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है. हिंदू पंचांग पांच प्रमुख अंगों तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार से मिलकर बना होता है. किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत से पहले शुभ मुहूर्त और तिथि का ध्यान रखा जाता है. मान्यता है कि शुभ समय में किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

वर्तमान समय में भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास चल रहा है. धार्मिक दृष्टि से इस महीने को बेहद पुण्यदायी माना जाता है. 29 मई 2026, शुक्रवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष माने जा रहे हैं.

29 मई 2026 की तिथि और नक्षत्र

पंचांग के अनुसार आज, 29 मई को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी. हालांकि उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन त्रयोदशी तिथि का ही मान रहेगा. इस दिन स्वाती नक्षत्र सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. वहीं चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में संचार करेंगे. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार स्वाती नक्षत्र को शुभ और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

29 मई 2026, शुक्रवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 13 मिनट पर होगा.

आज का शुभ योग

शुक्रवार को परिघ योग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस योग में पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है.

29 मई 2026 के शुभ मुहूर्त

आज के दिन कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिन्हें पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है.

  • अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक
  • अमृत काल – देर रात 3 बजकर 32 मिनट से अगले दिन 30 मई की सुबह 5 बजकर 19 मिनट तक
  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में पूजा, मंत्र जाप और ध्यान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है.

आज का राहुकाल

शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है. इस दौरान नए कार्य, यात्रा, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है.

अन्य अशुभ समय

  • यमगंड काल – दोपहर 3 बजकर 43 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक
  • गुलिक काल – सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 4 मिनट तक
  • दुर्मुहूर्त – सुबह 8 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक और दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से 1 बजकर 44 मिनट तक
  • वर्ज्य काल – दोपहर 4 बजकर 51 मिनट से शाम 6 बजकर 38 मिनट तक

मान्यता है कि इन समयों में शुभ कार्यों से बचना चाहिए.

पुरुषोत्तम मास का बढ़ा महत्व

वर्तमान में चल रहा पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. इस महीने में पूजा-पाठ, दान-पुण्य, मंत्र जाप और व्रत का विशेष महत्व बताया गया है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है. यही वजह है कि पंचांग और शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और पंचांग आधारित सूचनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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