03 August 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना शुभ माना जाता है. पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी मिलती है. आज सोमवार, 3 अगस्त 2026 का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है. आज श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि, उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है.
आज का पंचांग (3 अगस्त 2026)
- वार: सोमवार
- तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष पंचमी रात 10:54 बजे तक, इसके बाद षष्ठी
- नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा रात 10:00 बजे तक, इसके बाद रेवती
- योग: सुकर्मा योग रात 9:13 बजे तक, इसके बाद धृति योग
- करण: कौलव सुबह 11:09 बजे तक, तैतिल रात 10:54 बजे तक, इसके बाद गर
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
- शक संवत: 1948 (पराभव)
- पूर्णिमांत मास: श्रावण
- अमांत मास: आषाढ़
- राष्ट्रीय पंचांग: श्रावण 12, 1948
- वैदिक ऋतु: ग्रीष्म
- द्रिक ऋतु: वर्षा
सूर्योदय और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:02 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:03 बजे
- चंद्रोदय: रात 9:59 बजे
- चंद्रास्त: 4 अगस्त सुबह 10:54 बजे
- सूर्य राशि: कर्क
- चंद्र राशि: मीन (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:26 बजे से 5:14 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:07 बजे से 12:59 बजे तक
- अमृत काल: शाम 5:07 बजे से 6:44 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: सुबह 7:40 बजे से 9:17 बजे तक
- यमगंड: सुबह 10:55 बजे से 12:33 बजे तक
- कुलिक काल: दोपहर 2:10 बजे से 3:48 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:59 बजे से 1:51 बजे तक और 3:35 बजे से 4:27 बजे तक
- वर्ज्य काल: सुबह 7:22 बजे से 9:00 बजे तक
भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष दिन
सावन का सोमवार भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शिवलिंग का जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसलिए आज के शुभ मुहूर्त में शिव पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

