28 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 28 फरवरी, दिन शनिवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…
आज का पंचांग
आज 28 फरवरी शनिवार का दिन है. फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि है. सूर्य कुंभ राशि पर है, शनिवार को राहु 09:46 AM से 11:12 AM तक है. चंद्रमा कर्क राशि पर संचर करेगा, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है.
आज 28 फरवरी का पंचांग
हिन्दू मास एवं वर्ष
- विक्रम संवत – 2082, कालयुक्त
- शक संवत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – फाल्गुन
- अमांत – फाल्गुन
आज की तिथि
- शुक्ल पक्ष द्वादशी – Feb 27 10:33 PM – Feb 28 08:43 PM
- शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – Feb 28 08:43 PM – Mar 01 07:09 PM
नक्षत्र
- पुनर्वसु – Feb 27 10:48 AM – Feb 28 09:34 AM
- पुष्य – Feb 28 09:35 AM – Mar 01 08:34 AM
करण
- बव – Feb 27 10:33 PM – Feb 28 09:36 AM
- बालव – Feb 28 09:36 AM – Feb 28 08:43 PM
- कौलव – Feb 28 08:43 PM – Mar 01 07:54 AM
योग
- सौभाग्य – Feb 27 07:43 PM – Feb 28 05:02 PM
- शोभन – Feb 28 05:02 PM – Mar 01 02:32 PM
वार
- शनिवार
- त्योहार और व्रत
- गोविंद द्वादशी
अशुभ काल
- राहु – 9:46 AM – 11:12 AM
- यम गण्ड – 2:05 PM – 3:32 PM
- कुलिक – 6:53 AM – 8:19 AM
- दुर्मुहूर्त – 08:25 AM – 09:11 AM
- वर्ज्य – 05:15 PM – 06:47 PM
शुभ काल
- अभिजीत मुहूर्त – 12:16 PM – 01:02 PM
- अमृत काल – 07:17 AM – 08:48 AM, 02:26 AM – 03:57 AM
- ब्रह्म मुहूर्त – 05:16 AM – 06:04 AM
- त्रिपुष्कर योग – Feb 28 06:53 AM – Feb 28 09:34 AM
- सर्वार्थसिद्धि योग – Feb 27 10:48 AM – Feb 28 06:53 AM
- वि पुष्य योग – Mar 01 06:52 AM – Mar 01 08:34 AM
- सर्वार्थसिद्धि योग – Mar 01 06:52 AM – Mar 01 08:34 AM
सूर्य-चंद्र संबंधित जानकारी
- सूर्योदय – 6:53 AM
- सूर्यास्त – 6:25 PM
- चन्द्रोदय – Feb 28 3:28 PM
- न्द्रास्त – Mar 01 5:16 AM
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
यह भी पढ़े: श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है योग और गृहस्थ का दिव्य समन्वय: दिव्य मोरारी बापू