New Delhi: अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध के बीच चीन का बयान आया है. चीन ने कहा है कि दोनों देश बातचीत के ज़रिए मतभेद को ख़त्म करें. इसके साथ ही चीन के विदेश मंत्रालय ने अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है.चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से कहा कि बातचीत, समझौते के ज़रिए मतभेद और विवाद ख़त्म करें.
विवाद में मध्यस्थता करने की कोशिश
मंत्रालय ने कहा कि चीन अपने साधनों से इस विवाद में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है. तनाव कम करने और आपसी रिश्ते सुधारने में भूमिका निभाने के लिए तैयार है. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि पड़ोसी और दोस्त होने के नाते चीन इस तनाव को लेकर बहुत चिंतित है. इस संघर्ष में लोगों की जान जाने से दुखी है. अगर हालात और बिगड़े तो दोनों पक्षों को नुक़सान होगा.
क्षेत्र में शांति और स्थिरता
बयान में यह भी कहा गया कि दुश्मनी ख़त्म करना दोनों देशों और उनके लोगों के बुनियादी हित में है और इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहेगी. उधर, पाकिस्तान ने कहा है कि अब वह अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ खुले युद्ध की स्थिति में है. काबुल में धमाकों की खबरें आई हैं और सीमा के कई इलाकों में लड़ाई जारी है. पाकिस्तान का कहना है कि उसने कंधार और पक्तिका में भी हमले किए हैं.
तालिबान ने एयरस्टाइक का लिया बदला
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की जंग विकराल रूप लेती जा रही है. दोनों देश एक-दूसरे पर धड़ाधड़ हमला कर रहे हैं. तालिबानी सरकार ने पाकिस्तान की 22 फरवरी की उस एयरस्टाइक का बदला लिया है, जिसमें मासूम अफगान नागरिक मारे गए थे. अफगानिस्तानी सैनिक इस बार इस्लामाबाद के अंदर तक घुस कर हमला कर रहे हैं. इस फुल स्केल वॉर में ज्यादा पावरफुल होते हुए भी पाकिस्तान तगड़ी मार झेल रहा है.
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