Pakistan: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के सामने हर दिन नई मुसीबत खड़ी हो रही है. ऐसे में ही अब पड़ोसी मुल्क की राजधानी इस्लामाबाद में एक बार फिर लॉकडाउन जैसा नजारा देखने को मिला. यहां रात 8 बजे के बाद अंधेरा छाया रहा है, दुकानें बंद हो जाती है, लोग भी घरों से बाहर कम ही निकले. जिससे रोजमर्रा की जिंदगी, कारोबार और उद्योग-धंधे पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
दरअसल, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान में ऊर्जा संकट और भी गहराने लगा है. जिसके वजह से इस्लामाबाद में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए संशोधित बाजार समय फिर से लागू कर दिया गया है.
इमरजेंसी सेवाओं समेत इन्हें मिली छूट
नए नियम के अनुसार, इस्लामाबाद में अब सभी बाजार, दुकान और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे. जबकि किराने की दुकानें, बेकरी, रेस्टोरेंट समेत फूड आउटलेट्स, मैरिज हॉल, टेंट हाउस, पार्टी प्लेस एवं अन्य कार्यक्रम स्थल भी रात 10 बजे तक खुले रह सकेंगे. हालांकि इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं, फार्मेसी, पेट्रोल पंप, डेयरी, खेल सुविधाएं, कॉल सेंटर, डेटा सेंटर, आईटी और आईटीएस कंपनियों को इस नियम से बाहर रखा गया है.
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
बता दें कि जिला प्रशासन के उपायुक्त इरफान मेमन ने सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक सूचना में इसकी पुष्टि की है. जिल मजिस्ट्रेट द्वारा देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम पूरे सप्ताह सख्ती से लागू रहेगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ऊर्जा संकट
बता दें कि पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा संकट झेल रहा था. अब ईरान-अमेरिका के बीच तनाव ने क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति को और प्रभावित कर दिया है. ऐसे में पाकिस्तान काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है. वह एलएनजी और पेट्रोलियम दूसरे देशों से मंगाता है. ऐसे में पाकिस्तान ने देश में ऊर्जा, ईंधन और धन की बचत के लिए नए नियम बनाए हैं. हालांकि सरकार के इस आदेश का विरोध हो रहा है. व्यापारी समुदाय इस फैसले के खिलाफ उतर आए हैं. उनका तर्क है कि पाकिस्तानी बाजार दोपहर में देर से खुलते हैं और रात 11 से 12 बजे तक चलते हैं. दुकानों को जल्दी बंद करने से उनकी कमाई पर भारी असर पड़ेगा, जिससे खासकर छोटे और मध्यम दुकानदार आर्थिक संकट में आ जाएंगे.
सरकार ने क्यों लागू किया नियम?
दरअसल, पाकिस्तान मार्च में ही देश में सख्त नियम लागू कर चुका था, लेकिन ईद के मौके पर इसमे ढील दी गई थी. वहीं, अब जून महीने की शुरुआत के साथ ही बाजारों के लिए फिर नई समयसीमा सख्ती से लागू कर दी गई है. हालांकि, जरूरी सेवाओं को लेकर छूट दी गई है. इन नियमो को लागू करने के बाद उम्मीद की जा रही है कि देश के ऊर्जा संकट को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा.