Easter 2026: ‘ईस्टर डे’ के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस पर्व के महत्व को साझा किया.
राष्ट्रपति मुर्मू ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी ईस्टर के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन दिन भगवान यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद दिलाता है. उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें सत्य, प्रेम, करुणा, त्याग और क्षमा जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है. राष्ट्रपति ने लोगों से अपील की कि वे इस दिन सामूहिक रूप से शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लें.
पीएम मोदी ने Easter 2026 की दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्टर की बधाई देते हुए कहा कि यह पवित्र दिन आशा और नए जीवन का प्रतीक है. उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति, खुशी और उजाला लेकर आए. साथ ही, उन्होंने कहा कि यीशु मसीह की शिक्षाएं लोगों को दयालु बनने और समाज में एकता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करें.
ओम बिरला ने दी शुभकामनाएं
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन नए आरंभ, आस्था को मजबूत करने और जीवन में खुशी, शांति और ईश्वर की कृपा के अनगिनत आशीर्वाद लाने का संदेश देता है.
ईस्टर ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है
दरअसल, ईस्टर ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जिसे यीशु मसीह के पुनरुत्थान के रूप में मनाया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि रोमन शासन द्वारा सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह मृतकों में से जीवित हो उठे थे. इसे पाप और मृत्यु पर जीत का प्रतीक माना जाता है. ईस्टर, ‘होली वीक’ का अंतिम और सबसे प्रमुख दिन भी है, जिसमें पाम संडे (यीशु का यरुशलम में प्रवेश), मौंडी थर्सडे (द लास्ट सपर) और गुड फ्राइडे (सूली पर चढ़ाया जाना) जैसे महत्वपूर्ण दिन शामिल होते हैं. ‘ईस्टर एग्स’ भी इस पर्व का खास हिस्सा हैं. एग्स नए जीवन और खाली कब्र का प्रतीक माने जाते हैं. परंपरागत रूप से इन्हें लाल रंग में रंगा जाता है, जो मसीह के रक्त का प्रतीक होता है.
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