अप्रैल का महीना शुरू होते ही आमतौर पर देशभर में गर्मी अपने तेवर दिखाने लगती है. लोग लू और चिलचिलाती धूप के लिए तैयार हो जाते हैं, लेकिन साल 2026 में मौसम ने शुरुआत से ही अलग रुख अपना लिया है. आज 5 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में तेज धूप की जगह आंधी, बारिश और ओलों का तांडव देखने को मिल रहा है.
उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम के इस बदले मिजाज ने एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत दी है, तो दूसरी तरफ किसानों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी ने मिलकर एक अस्थिर मौसम प्रणाली तैयार कर दी है, जिससे पूरे देश का मौसम संतुलन बिगड़ गया है.
दिल्ली-NCR में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं का खतरा
राजधानी Delhi और आसपास के इलाकों जैसे नोएडा और गाजियाबाद में आज का दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. IMD ने दिल्ली के दक्षिण और मध्य हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी की भी संभावना है.
हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है और अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिली है.
उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि का कहर, किसानों की बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश के करीब 26 जिलों में ओले गिरने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. शनिवार को भी कानपुर और आगरा जैसे शहरों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आईं. सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, क्योंकि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है.
झारखंड में भी ऑरेंज अलर्ट, तेज आंधी और ओलों की आशंका
झारखंड में भी मौसम ने करवट ले ली है. झारखंड के रांची, पलामू और हजारीबाग समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बारिश व ओले गिरने की आशंका है. इससे कच्चे मकानों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है.
राजस्थान और हरियाणा में खेतों पर ‘सफेद चादर’
राजस्थान में मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया है कि कई जिलों में ओलावृष्टि के कारण खेतों में सफेद चादर बिछ गई है. राजस्थान के दौसा और गंगानगर में भारी ओले गिरे, जबकि उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में 32 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं हरियाणा के सिरसा और हिसार में ओलों ने पकने को तैयार गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. हरियाणा में किसानों के सामने अब अपनी फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार, 7 अप्रैल से एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे इन इलाकों में फिर से आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी जारी
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम सामान्य नहीं है. उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी में हिमाचल प्रदेश में भी ऑरेंज अलर्ट लागू है. 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है और 8 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना है. इसका असर मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के रूप में महसूस किया जा रहा है.
बिहार, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत में बदलता मौसम
बिहार में जहां रोहतास जैसे इलाकों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं अब बिहार में मौसम तेजी से बदल रहा है. आज शाम से यहां भी आंधी और बारिश की संभावना है. छत्तीसगढ़ में भी ओले गिरने की आशंका जताई गई है. दक्षिण भारत के Kerala और माहे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में फिलहाल उमस भरी गर्मी बनी हुई है.
विशेष चेतावनी: बदलता मौसम और बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह असामान्य मौसम जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है. तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रखें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके.

