किस दिन से शुरू हो रहा सावन, जलाभिषेक से प्रसन्न होंगे भगवान भोलेनाथ, जानें पुजा का शुभ मुहूर्त

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Sawan 2026 First Day: भगवान शिव का प्रिय माह सावन के शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी है. इस महिने  लोग देवों के देव महादेव की पूजा विधि विधान से करते हैं और उनका जलाभिषेक करते हैं. कहा जाता है कि सावन माह में आप प्रतिदिन शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाते हैं तो आप पर भोलेनाथ प्रसन्न होंगे और मनोकामनाओं को पूरा कर देंगे. ऐसे में चलिए जानते हैं कि सावन का पहला दिन कब है? उस दिन जलाभिषके का सही समय क्या है?

सावन का पहला दिन 2026

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, सावन का पहला दिन प्रतिपदा ​तिथि को होता है. इस साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात 8 बजकर 5 मिनट से प्रारंभ हो रही है और 30 जुलाई को रात 9 बजकर 30 मिनट पर खत्म हो जाएगी. ऐसे में सावन का पहला सूर्योदय 30 जुलाई को 05:41 एएम पर होगा. इस आधार पर सावन का पहला दिन 30 जुलाई गुरुवार को है.

सावन का पहला दिन 2026 मुहूर्त

हिंदू पंचाग के अनुसार, सावन माह के पहले दिन आयुष्मान् योग और श्रवण नक्षत्र है. उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:18 से लेकर 04:59  तक है. इस मुहूर्त में स्नान करके पूजा पाठ करना शुभ हैं. बता दें कि स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त उत्तम समय होता है. वहीं, सावन के पहले दिन का शुभ समय यानि अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 पी एम से लेकर दोपहर 12:54 पी एम तक है. इस दिन निशिता मुहूर्त देर रात 12:07 ए एम लेकर 12:49 ए एम तक है. श्रावण के पहले दिन अमृत काल सुबह 06 बजकर 24 मिनट से सुबह 08 बजकर 09 मिनट तक है. विजय मुहूर्त दोपहर 02:43 पी एम से लेकर दोपहर 03:37 पी एम तक रहेगा.

सावन के पहले दिन जलाभिषेक कब करें?

ऐसे में यदि आप सावन के पहले दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहते हैं तो ब्रह्म मुहूर्त में कर सकते हैं. इसके अलावा शुभ-उत्तम मुहूर्त प्रात:काल 05:41 ए एम से लेकर 07:23 ए एम के बीच कर सकते हैं. फिर लाभ-उन्नति मुहूर्त दोपहर 12:27 पी एम से 02:09 पी एम के बीच और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 02:09 पी एम से 03:50 पी एम के बीच कर सकते हैं. ये सभी समय ठीक हैं.
हालांकि भगवान शिव पूजा के लिए कोई समय निश्चित नहीं है. भगवान शिव काल और समय से परे हैं, इसीलिए वे महाकाल हैं. वे एक ऐसे भगवान हैं, जिनकी पूजा तो राहुकाल में भी की जाती है. राहुकाल में शिवलिंग का अभिषेक करके आप कालसर्प दोष से मुक्ति पास सकते हैं.
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