Varuthini Ekadashi 2026: वरुथिनी एकादशी पर इन 5 चीजों से करें परहेज, नहीं तो खंडित हो सकता है व्रत

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Varuthini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है और साल भर आने वाली सभी एकादशियों में वरुथिनी एकादशी का अपना अलग महत्व है. साल 2026 में वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल, सोमवार को रखा जाएगा. यह व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

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इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि, यश और पुण्य की प्राप्ति होती है. शास्त्रों में कहा गया है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत हजारों वर्षों के तप के बराबर फल देने वाला माना जाता है. एकादशी का व्रत नियम, संयम और श्रद्धा के साथ किया जाता है. इस दिन व्रत रखने वाले भक्त अन्न और नमक का त्याग करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं. इसके साथ ही दिनभर सात्विक जीवनशैली अपनाना भी जरूरी माना जाता है.

एकादशी के दिन भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें

वरुथिनी एकादशी के दिन कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित माना गया है. इनका सेवन करने से व्रत का फल कम हो सकता है और व्रत खंडित भी माना जाता है.

1. चावल
एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चावल खाने से व्रत का पुण्य कम हो जाता है.

2. मसूर की दाल
मसूर की दाल को तामसिक माना गया है. शास्त्रों के अनुसार इसका सेवन व्रत के दौरान नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मन और शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.

3. नमक
एकादशी व्रत में साधारण नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है. कई लोग सेंधा नमक का भी सेवन नहीं करते, ताकि व्रत पूरी तरह शुद्ध बना रहे.

4. लहसुन-प्याज
लहसुन और प्याज तामसिक आहार की श्रेणी में आते हैं, इसलिए इस दिन इनका सेवन नहीं करना चाहिए.

5. कुछ सब्जियां
एकादशी के दिन पत्तेदार साग, गोभी, गाजर, मूली और बैंगन जैसी सब्जियों का सेवन भी वर्जित माना जाता है.

वरुथिनी एकादशी के दिन क्या खाएं

व्रत के दौरान सात्विक और हल्का भोजन करना चाहिए ताकि शरीर और मन दोनों संतुलित रहें.

👉 दूध और दूध से बनी चीजें
👉 मौसमी फल जैसे केला, सेब, अंगूर
👉 खरबूजा
👉 साबूदाना (खिचड़ी या खीर)
👉 मखाना, मूंगफली और सूखे मेवे

इन चीजों का सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और व्रत भी सही तरीके से पूरा होता है.

वरुथिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

👉 एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 अप्रैल 2026, सुबह 01:16 बजे
👉 एकादशी तिथि समाप्त: 14 अप्रैल 2026, सुबह 01:08 बजे
👉 व्रत पारण (व्रत खोलने का समय): 14 अप्रैल, सुबह 06:54 से 08:53 बजे

भगवान विष्णु को लगाएं इन चीजों का भोग

वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन उन्हें प्रसन्न करने के लिए ये भोग अर्पित किए जा सकते हैं:

👉 केला, आम, अंगूर, सेब और अन्य फल
👉 मखाना और सूखे मेवे
👉 पंजीरी
👉 पीली मिठाई
👉 मखाना या साबूदाना की खीर

इन चीजों का भोग लगाने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह व्रत न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि भी लाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे श्रद्धा और नियमों के साथ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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