Vastu Tips: घर को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए लोग तरह-तरह की पेंटिंग और तस्वीरें लगाते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र में तस्वीरों को केवल सजावट की चीज नहीं माना गया है. मान्यता है कि घर में लगी अलग-अलग तस्वीरों का वातावरण और ऊर्जा पर अलग प्रभाव पड़ सकता है. इन्हीं में से एक है उगते सूरज की तस्वीर, जिसे नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह और तरक्की का प्रतीक माना जाता है.
हालांकि, वास्तु मान्यताओं के अनुसार उगते सूरज की तस्वीर का लाभ तभी मिलता है, जब इसे सही दिशा और उचित स्थान पर लगाया जाए. गलत दिशा में तस्वीर लगाने से अपेक्षित शुभ प्रभाव नहीं मिलने की मान्यता है. ऐसे में आइए जानते हैं घर में उगते सूरज की तस्वीर कहां लगानी चाहिए और किन स्थानों से बचना चाहिए.
पूर्व दिशा में लगाना माना जाता है सबसे शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, उगते सूरज की तस्वीर लगाने के लिए पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है. सूर्य का उदय पूर्व दिशा से होता है, इसलिए इस दिशा को ऊर्जा, उन्नति और नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि पूर्व दिशा में सूर्योदय की तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिलती है. इसे परिवार के सदस्यों में उत्साह, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की भावना से भी जोड़कर देखा जाता है.
पूर्व दिशा न मिले तो क्या करें?
अगर घर की बनावट के कारण पूर्व दिशा में तस्वीर लगाना संभव न हो, तो वास्तु मान्यताओं के अनुसार दक्षिण दिशा को विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है. वहीं, उत्तर और पश्चिम दिशा में सूर्योदय से जुड़ी तस्वीर या पेंटिंग लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए तस्वीर लगाने से पहले दिशा का ध्यान रखना जरूरी माना गया है.
घर की इन जगहों पर लगा सकते हैं तस्वीर
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, उगते सूरज की तस्वीर ड्रॉइंग रूम, लिविंग एरिया या हॉल में लगाना अच्छा माना जाता है. इन स्थानों पर तस्वीर लगाने से घर का वातावरण आकर्षक और सकारात्मक दिखाई देता है. इसके अलावा ऑफिस या कार्यस्थल पर भी सूर्योदय की तस्वीर लगाई जा सकती है. मान्यता है कि उगता सूरज आगे बढ़ने, नए अवसर और निरंतर प्रयास का प्रतीक है, इसलिए कार्यस्थल पर ऐसी तस्वीर प्रेरणा देने वाली मानी जाती है.
बेडरूम में लगाने से बचें
उगते सूरज की तस्वीर को हर कमरे के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इसे बेडरूम, खासकर पति-पत्नी के कमरे में लगाने से बचना चाहिए. ऐसे में घर की सजावट करते समय केवल तस्वीर की खूबसूरती ही नहीं, बल्कि उसके स्थान और दिशा का भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
बच्चों के स्टडी रूम में भी मानी जाती है लाभकारी
उगता सूरज नई शुरुआत और लगातार आगे बढ़ते रहने का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से कुछ वास्तु विशेषज्ञ बच्चों के स्टडी रूम या पढ़ाई वाले स्थान पर सूर्योदय की तस्वीर लगाने को अच्छा मानते हैं. वास्तु मान्यताओं में ऐसी तस्वीर को प्रेरणा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जोड़कर देखा जाता है. खूबसूरत सूर्योदय का दृश्य पढ़ाई वाले स्थान को आकर्षक भी बना सकता है.
कैसी होनी चाहिए उगते सूरज की तस्वीर?
घर के लिए सूर्योदय की तस्वीर चुनते समय उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए. तस्वीर में सूर्य स्पष्ट और सुंदर दिखाई देना चाहिए. साथ ही उसका फ्रेम भी साफ और अच्छी स्थिति में होना चाहिए. धुंधली, फटी हुई या खराब फ्रेम वाली तस्वीर लगाने से बचना चाहिए. वास्तु मान्यताओं में क्षतिग्रस्त और खराब स्थिति वाली तस्वीरों को शुभ नहीं माना जाता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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