8th Pay Commission: मुंबई बैठक का शेड्यूल तय, 10 अक्टूबर तक करना होगा आवेदन, जानें पूरी डिटेल

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. आयोग ने मुंबई में होने वाली अपनी अगली बैठक की तारीखों का ऐलान कर दिया है. पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह आयोग देश के अलग-अलग शहरों में जाकर कर्मचारी संगठनों, संस्थानों और यूनियनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है. इस दौरान उनकी मांगों, वेतन से जुड़ी अपेक्षाओं और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं को समझने की कोशिश की जा रही है, ताकि रिपोर्ट तैयार करते समय इन सुझावों पर विचार किया जा सके. इसी कड़ी में अब मुंबई में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि आयोग के सामने अपनी बात रखेंगे. बैठक में वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.

मुंबई में कब होगी 8वें वेतन आयोग की बैठक?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग की मुंबई में दो दिवसीय बैठक 22 और 23 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी. दशहरे के बाद होने वाली इस बैठक में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के संगठनों, संस्थानों, एसोसिएशन और यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. आयोग ने बैठक में हिस्सा लेने के इच्छुक हितधारकों से 10 अक्टूबर 2026 तक अपॉइंटमेंट लेने का अनुरोध किया है.

इसके साथ ही प्रतिनिधियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना मेमोरेंडम जमा करना होगा. मेमोरेंडम सबमिट करने के बाद मिलने वाली यूनिक मेमो आईडी को भी दर्ज कराना होगा.  मुंबई से पहले आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में हितधारकों के साथ बैठक करेगा. इन बैठकों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारी संगठनों की मांगों और सुझावों को समझने का प्रयास किया जा रहा है.

इससे पहले चंडीगढ़ में हुई थी बैठक

मुंबई से पहले आयोग चंडीगढ़ में दो दिवसीय बैठक कर चुका है. इसकी शुरुआत 18 सितंबर 2026 को हुई थी. इस दौरान चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न कर्मचारी संगठनों और हितधारकों ने आयोग के सामने अपनी मांगें रखीं. चंडीगढ़ में बैठक के बाद नर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एनडब्ल्यूए) और पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) समेत कई हितधारकों ने आयोग से मुलाकात की. इन संगठनों ने अपनी मांगों और सुझावों से संबंधित मेमोरेंडम भी सौंपे.

कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांगें?

8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की ओर से वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव को लेकर कई मांगें उठाई जा रही हैं. इनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं.

  • फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर 3.833 करने की मांग: कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 किया जाए. अगर इस मांग को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है.
  • न्यूनतम बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी: बढ़ती महंगाई को देखते हुए यूनियनें न्यूनतम बेसिक सैलरी में संशोधन चाहती हैं. 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये निर्धारित की गई थी. अब इसमें बढ़ोतरी की मांग की जा रही है.
  • पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग: पेंशनर्स और कर्मचारी यूनियनें ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को फिर से लागू करने की मांग उठा रही हैं. इसके साथ ही पेंशनभोगियों को मिलने वाले लाभों में संशोधन की मांग भी शामिल है.
  • सैन्य कर्मियों के भत्तों में सुधार: सैन्य कर्मियों के लिए मिलिट्री सर्विस पे (एमएसपी) में सुधार की मांग की जा रही है. इसके अलावा मकान किराया भत्ता (एचआरए), जोखिम भत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांगें भी उठाई जा रही हैं.

कर्मचारियों की मांगों पर रहेगी नजर

8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अलग-अलग शहरों में हो रही बैठकों के दौरान कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों को अपनी मांगें और सुझाव रखने का अवसर मिल रहा है. मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को होने वाली बैठक भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, पुरानी पेंशन योजना और विभिन्न भत्तों में बदलाव जैसे मुद्दे कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं. आयोग इन बैठकों के जरिए मिले सुझावों और समस्याओं को समझकर अपनी रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है.

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