AI का बढ़ता असर! ClickUp ने 22% कर्मचारियों की छंटनी की, बदल रहा नौकरी का पूरा खेल

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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AI Layoffs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रभाव अब सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कंपनियों के काम करने के तरीके और रोजगार के ढांचे को भी तेजी से बदल रहा है. दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां अब अपने बिजनेस मॉडल में AI को केंद्र में रखकर बदलाव कर रही हैं. इसी बीच अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी क्लिकअप ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने कर्मचारियों की संख्या में 22% की कटौती कर दी है.

कंपनी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब वैश्विक टेक सेक्टर में एआई आधारित बदलाव तेजी से बढ़ रहे हैं और कई कंपनियां पारंपरिक कार्यप्रणाली से हटकर नए मॉडल अपना रही हैं. कंपनी का कहना है कि भविष्य में एआई आधारित भूमिकाओं के जरिए कामकाज की क्षमता को 100 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

क्लिकअप के संस्थापक और सीईओ जेब इवांस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट में कहा, “आज हमने कर्मचारियों की संख्या में 22% की कमी की है. कंपनी अब तक की सबसे मजबूत स्थिति में है. यह फैसला मैंने लिया है और इसकी जिम्मेदारी भी मेरी है. मैंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि सबसे उच्च स्तर की उत्पादकता के साथ काम करने का तरीका बदल रहा है.”

उन्होंने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों को हटाया गया है, उन्हें सम्मानजनक पैकेज दिया जाएगा ताकि वे इस बदलाव के दौर में आगे बढ़ सकें. कंपनी ने बताया कि लागत में होने वाली बचत का बड़ा हिस्सा बाकी कर्मचारियों और उन कर्मचारियों के वेतन बढ़ाने में लगाया जाएगा जो एआई की मदद से असाधारण प्रदर्शन करेंगे. कंपनी ऐसे कर्मचारियों के लिए सालाना 10 लाख डॉलर तक के वेतन बैंड की शुरुआत करने जा रही है.

कंपनी का नया मॉडल क्या होगा?

जेब इवांस ने अपने नए ऑपरेटिंग मॉडल को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भविष्य में कंपनी के इंजीनियर और प्रोडक्ट लीडर केवल कोडिंग का काम नहीं करेंगे, बल्कि एआई एजेंट्स को संचालित और उनकी समीक्षा करने का काम करेंगे. उन्होंने कहा, “आम धारणा यह है कि एआई हर किसी को अधिक उत्पादक बना देता है. लेकिन ऐसा नहीं है. आज के कई वर्कफ्लो अगर बिना बदलाव के चलते रहे, तो वे एआई सिस्टम में बाधा पैदा करेंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “यदि कंपनी के सबसे अच्छे इंजीनियर अपना समय दूसरे कर्मचारियों के कोड की समीक्षा में लगाएंगे, तो यह अप्रभावी बाधा बन जाएगा.  ये इंजीनियर एआई एजेंट्स द्वारा तैयार किए गए कोड की समीक्षा इंसानी कोड की तुलना में कहीं तेजी से कर सकते हैं.” सीईओ ने यह भी कहा, “दिलचस्प बात यह है कि जो लोग एआई की मदद से अपनी नौकरी को ऑटोमेट कर लेते हैं, उनके पास हमेशा काम रहेगा. वे एआई सिस्टम के मालिक यानी एजेंट मैनेजर बन जाएंगे.”

टेक सेक्टर में लगातार बढ़ रही छंटनी

क्लिकअप अकेली कंपनी नहीं है जिसने इस तरह का कदम उठाया है. इससे पहले फेसबुक की मूल कंपनी मेटा ने भी अपनी वैश्विक कार्यबल में लगभग 10- की कटौती शुरू की थी ताकि एआई से जुड़े अपने प्रोजेक्ट्स को और मजबूत किया जा सके. रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक टेक सेक्टर में छंटनी की रफ्तार तेज बनी हुई है. इस साल अब तक एक लाख से अधिक नौकरियां जा चुकी हैं और यह आंकड़ा तीन लाख के पार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. इसमें ओरेकल, अमेजन और मेटा जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

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