अंबुजा सीमेंट्स का बड़ा विस्तार प्लान, 14,500 करोड़ रुपये करेगी निवेश; 2030 तक 155 MTPA होगी क्षमता

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ambuja Cement Expansion Plan: अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने अपने कारोबार के विस्तार के अगले चरण की योजना तैयार कर ली है. कंपनी नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए देश के प्रमुख बाजारों में सीमेंट उत्पादन क्षमता 30 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) बढ़ाएगी. इस विस्तार योजना पर करीब 14,500 करोड़ रुपये का ग्रोथ कैपेक्स खर्च प्रस्तावित है. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक अपनी कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 155 MTPA करना है.

अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा अंबुजा सीमेंट्स ने बताया कि इस विस्तार के तहत पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत के तेजी से बढ़ते बाजारों में मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा. फिलहाल कंपनी के पास देशभर में 24 इंटीग्रेटेड प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट हैं, जिनके जरिए उसकी कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 113.5 MTPA है.

तीन क्षेत्रों में बढ़ाई जाएगी उत्पादन क्षमता

अदाणी ग्रुप के सीमेंट कारोबार के सीईओ विनोद बहेटी ने कहा कि कंपनी का अगला विस्तार चरण विकास की गुणवत्ता और संतुलित मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क तैयार करने पर केंद्रित है. क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के साथ तेजी से बढ़ते बाजारों के करीब उत्पादन सुविधाएं विकसित की जाएंगी. प्रस्तावित योजना के तहत पश्चिमी क्लस्टर में 15.5 MTPA, पूर्वी क्लस्टर में 11.6 MTPA और उत्तरी क्लस्टर में 2.9 MTPA की नई ग्राइंडिंग क्षमता जोड़ी जाएगी. इस तरह कंपनी प्रमुख क्षेत्रों में अपनी उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था का विस्तार करेगी.

असम, महाराष्ट्र और गुजरात में बढ़ेगी क्लिंकर क्षमता

ग्राइंडिंग नेटवर्क की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी क्लिंकर उत्पादन क्षमता में भी बढ़ोतरी करेगी. इसके तहत पूर्वी क्लस्टर के असम स्थित उमरांगसो में 4 MTPA, पश्चिमी क्लस्टर के मराठा में 4 MTPA और मुंद्रा में 2.3 MTPA की नई क्लिंकर क्षमता स्थापित की जाएगी. कंपनी के मुताबिक, क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच बेहतर तालमेल से उत्पादन व्यवस्था अधिक लचीली होगी. साथ ही, प्रमुख बाजारों के करीब उत्पादन सुविधाएं होने से सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

वित्त वर्ष 2028 तक लागत घटाकर 4,000 रुपये प्रति टन करने का लक्ष्य

विनोद बहेटी ने कहा कि इस विस्तार का उद्देश्य केवल बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना नहीं है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स की दक्षता में सुधार करना भी है. बाजारों के करीब उत्पादन क्षमता विकसित होने से परिवहन की दूरी और लागत कम होगी. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक लागत को घटाकर 4,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन (PMT) के स्तर पर लाना है. कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित विस्तार से बेहतर परिचालन दक्षता हासिल करने और कारोबार की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने में मदद मिलेगी.

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में 4.6 MTPA क्षमता जुड़ी

कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुल 4.6 MTPA सीमेंट उत्पादन क्षमता जोड़ी है. इसमें गुजरात के दहेज में 1.2 MTPA का ब्राउनफील्ड विस्तार, उत्तर प्रदेश में 2.4 MTPA की नई सलई बनवा ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1.0 MTPA का ब्राउनफील्ड विस्तार शामिल है. इन परियोजनाओं के बाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 113.5 MTPA हो गई है. इसके अलावा, पंजाब के बठिंडा ग्राइंडिंग यूनिट में 1.2 MTPA और राजस्थान के जोधपुर पेन्ना इंटीग्रेटेड यूनिट में 2 MTPA क्षमता जोड़ी गई है. इन दोनों परियोजनाओं की कुल 3.2 MTPA क्षमता स्थिर हो चुकी है. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में इन इकाइयों के उत्पादन में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

मार्च 2027 तक 119 MTPA क्षमता का लक्ष्य

अंबुजा सीमेंट्स बिहार के वारिसलीगंज में 2.4 MTPA क्षमता वाली ग्राइंडिंग यूनिट भी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में चालू करेगी. कंपनी को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के साथ मार्च 2027 के अंत तक उसकी कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 119 MTPA हो जाएगी. कंपनी ने बताया कि अधिग्रहण के बाद से 30 सितंबर 2026 तक वह 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी कर चुकी है. इनके जरिए 16.3 MTPA सीमेंट उत्पादन क्षमता और 9.0 MTPA क्लिंकर उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है.

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