Auto Sales May 2026: देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने मई 2026 में भी बिक्री के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन जारी रखा है. घरेलू बाजार में मजबूत मांग और यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट की बढ़ती लोकप्रियता के दम पर हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) दोनों ने बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि आपूर्ति शृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की रफ्तार बरकरार है और ग्राहकों के बीच SUV तथा यूटिलिटी व्हीकल की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है.
मई महीने के बिक्री आंकड़ों ने यह भी संकेत दिया है कि देश में वाहन खरीदने की मांग अभी भी मजबूत है और ऑटो कंपनियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. हालांकि कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन उनका असर बिक्री की रफ्तार को रोक नहीं पाया.
हुंडई की घरेलू बिक्री में 9% से अधिक की वृद्धि
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने मई 2026 में घरेलू बाजार में 47,837 वाहनों की बिक्री दर्ज की. यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.1% अधिक है. कंपनी ने घरेलू बाजार में बेहतर मांग के दम पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है. घरेलू बिक्री के अलावा कंपनी ने मई के दौरान 13,300 वाहनों का निर्यात भी किया. इसके साथ ही हुंडई की कुल बिक्री 61,137 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 4.1% अधिक है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कंपनी की उपस्थिति मजबूत बनी हुई है, जिससे उसके कुल बिक्री आंकड़ों को सहारा मिला.
महिंद्रा ने दर्ज की 20 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मई 2026 में निर्यात सहित कुल 99,636 वाहनों की बिक्री दर्ज की. यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20% की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है. कंपनी का प्रदर्शन विशेष रूप से यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में प्रभावशाली रहा. मई के दौरान कंपनी ने घरेलू बाजार में 58,021 यूटिलिटी व्हीकल बेचे, जो एक साल पहले की तुलना में 11% अधिक है. वहीं निर्यात सहित कुल यूटिलिटी व्हीकल बिक्री 59,573 यूनिट रही. यह आंकड़े बताते हैं कि ग्राहकों के बीच महिंद्रा के SUV और यूटिलिटी व्हीकल की मांग लगातार बढ़ रही है.
कमर्शियल व्हीकल कारोबार में भी बढ़ी रफ्तार
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी मजबूत प्रदर्शन किया. मई के दौरान कंपनी की घरेलू कमर्शियल व्हीकल बिक्री 24,079 यूनिट रही, जिसमें सालाना आधार पर 19% की वृद्धि दर्ज की गई. यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन क्षेत्र में भी मांग मजबूत बनी हुई है. कमर्शियल वाहनों की बढ़ती बिक्री को अर्थव्यवस्था की सक्रियता का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है.
निर्यात में 37 प्रतिशत का बड़ा उछाल
महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए निर्यात बाजार भी लगातार मजबूत साबित हो रहा है. कंपनी के अनुसार मई महीने में उसके निर्यात में सालाना आधार पर 37% की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 5,000 यूनिट तक पहुंच गया. निर्यात में यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों की मौजूदगी मजबूत हो रही है और विदेशी ग्राहकों के बीच भारतीय वाहनों की मांग बढ़ रही है.
आपूर्ति शृंखला की चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं
एमएंडएम लिमिटेड के ऑटोमोटिव डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा, “कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. हालांकि, कुछ सप्लायरों के यहां श्रमिकों की कमी के कारण आपूर्ति शृंखला से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बाधा बनी हुई हैं.” कंपनी का मानना है कि यदि आपूर्ति संबंधी बाधाएं कम होती हैं तो बिक्री की रफ्तार और तेज हो सकती है. फिलहाल मजबूत मांग के कारण कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही हैं.
SUV और यूटिलिटी व्हीकल की मांग बनी सबसे बड़ी ताकत
मई 2026 के बिक्री आंकड़ों से साफ है कि भारतीय ग्राहकों के बीच SUV और यूटिलिटी व्हीकल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि इस सेगमेंट में काम करने वाली कंपनियों को सबसे अधिक फायदा मिल रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर फीचर्स, ऊंची ड्राइविंग पोजिशन, मजबूत सुरक्षा और फैमिली उपयोग के कारण SUV सेगमेंट की मांग लगातार बढ़ रही है. आने वाले महीनों में भी यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है.
बिक्री बढ़ी लेकिन शेयरों में दिखा दबाव
दिलचस्प बात यह रही कि मजबूत बिक्री आंकड़ों के बावजूद शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला. हुंडई मोटर इंडिया के शेयर एनएसई पर शुरुआती कारोबार के दौरान 1.48% तक गिरकर 1,900.60 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गए. कंपनी के शेयर ने पिछले 52 सप्ताह के दौरान 2,890 रुपये का उच्चतम और 1,658 रुपये का न्यूनतम स्तर दर्ज किया है. वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी एनएसई पर 1.9% गिरकर 2,982.50 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गए. कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 3,839.90 रुपये और न्यूनतम स्तर 2,896 रुपये रहा है.
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