Bank Strike Cancelled: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टल गई है, लेकिन हड़ताल टलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आज 28 सितंबर को बैंक खुले हैं या बंद? यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने रविवार, 27 सितंबर की देर रात हड़ताल स्थगित करने का ऐलान किया. यह फैसला इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और UFBU के बीच रविवार रात हुई अहम बैठक के बाद लिया गया. बैठक में कर्मचारियों की मांगों के साथ ग्राहकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. ऐसे में जानिए हड़ताल टलने के बाद आज बैंकिंग सेवाओं की क्या स्थिति रहेगी और बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई.
आज बैंक खुले हैं या बंद?
तीन दिवसीय बैंक हड़ताल स्थगित होने के बाद आज बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे. सभी सरकारी और निजी बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा. अगर IBA के साथ बैठक के बाद भी UFBU हड़ताल पर अड़ा रहता, तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं. हालांकि, देर रात हुई बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति और आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल को तत्काल प्रभाव से टाल दिया गया.
IBA और UFBU की बैठक में क्या हुआ?
यह फैसला रविवार रात करीब 9:30 बजे IBA और UFBU के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया. बैठक में बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित सभी शनिवार को छुट्टी रखने की मांग के अलावा यूनियनों की ओर से उठाए गए अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई. UFBU ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बताया कि हड़ताल स्थगित करने का फैसला यूनियनों की मांगों पर IBA से मिले आश्वासन के बाद लिया गया है.
शनिवार की छुट्टी पर बनेगी हाई लेवल कमेटी
UFBU के अनुसार, अब IBA और UFBU की एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी. यह कमेटी बैंक कर्मचारियों के लिए बाकी शनिवारों को भी छुट्टी घोषित करने की मांग पर चर्चा करेगी. कमेटी इस मुद्दे पर संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और सभी संबंधित पक्षों के साथ ऐसे समाधान पर काम करेगी, जो सभी को मंजूर हो. साथ ही बैंक ग्राहकों के हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा.
PLI स्कीम पर भी हुई चर्चा
बैठक में बैंक यूनियनों ने स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का मुद्दा भी उठाया.
UFBU के बयान के मुताबिक, अब IBA के साथ PLI स्कीम को लेकर बातचीत शुरू हो सकती है. यूनियन और एसोसिएशन चाहते हैं कि सरकार को कोई प्रस्ताव भेजने से पहले स्कीम में जरूरी बदलाव किए जाएं, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो सके.
UFBU ने कहा कि 8 मार्च 2024 की बातचीत के कार्यवृत्त में शामिल अन्य लंबित मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी. दोनों पक्षों की कोशिश होगी कि बातचीत के जरिए बाकी बचे मामलों को जल्द से जल्द सुलझाया जाए.

