India GDP Growth Forecast: मजबूत नीतिगत सुधारों और घरेलू खपत में तेज़ी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है. इसी सकारात्मक रुझान को देखते हुए बैंक ऑफ अमेरिका ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जो पहले 7% आंका गया था. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5% से संशोधित कर 6.8% कर दिया गया है.
2025 के अंत तक आर्थिक गतिविधियों में हुआ सुधार
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से मिले नए आर्थिक आंकड़े दिखाते हैं कि 2025 के अंत तक आर्थिक गतिविधियों में सुधार हुआ है. इसी वजह से जीडीपी (GDP) ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया गया है. दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 8.2% की मजबूत वृद्धि दर्ज की, जो बाजार के अनुमानों से कहीं बेहतर रही. इस बेहतर प्रदर्शन के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक विकास दर को लेकर उम्मीदें और अधिक मजबूत हो गई हैं.
आरबीआई का अनुमान और नीतिगत फैसले
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे चलकर सरकारी नीतिगत सहयोग देश की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में आरबीआई ने वर्ष 2025 के दौरान कई बार ब्याज दरों में कटौती की, जिससे निवेश और कारोबारी गतिविधियों को गति मिली और आर्थिक विकास को सहारा मिला.
खपत और निवेश में तेजी
ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि देश में खपत और खर्च बढ़ा है. ईंधन की खपत, गाड़ियों की बिक्री और कर्ज की बढ़ोतरी जैसे संकेतक नवंबर और दिसंबर में तेज हुए हैं. इससे साफ है कि आर्थिक मजबूती बनी हुई है.
नई GDP और महंगाई शृंखला
सरकार निकट भविष्य में जीडीपी की नई शृंखला और महंगाई के नए आधार वर्ष को जारी करने की तैयारी में है. इसके साथ ही FY22-23, 2023-24 और 2024-25 के आंकड़ों को भी संशोधित पद्धति के तहत दोबारा प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे तुलनात्मक विश्लेषण अधिक स्पष्ट हो सके. हालांकि सरकार का कहना है कि नए आंकड़े लागू होने के बावजूद जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

