New Delhi: देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक बार फिर मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरी है. कुछ साल पहले तक भारी कर्ज और लगातार घाटे के चलते यह कंपनी बंद होने की कगार पर मानी जा रही थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. सरकार के सुधारों और नेटवर्क अपग्रेड के बाद BSNL की सालाना कमाई बढ़कर करीब 25,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है.
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार
लंबे समय तक संकट में रहने के बाद BSNL अब धीरे-धीरे निजी कंपनियों को टक्कर देती नजर आ रही है. दूरसंचार राज्यमंत्री के अनुसार, कंपनी का राजस्व दो साल में करीब 21,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 25,000 करोड़ रुपए हो गया है, जो लगभग 19% की ग्रोथ दर्शाता है. इसके साथ ही ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार देखने को मिला है. सबसे बड़ा बदलाव कंपनी की टैक्स पूर्व कमाई (EBITDA) में देखने को मिला है, जो 50 करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 7,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है.
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर सुधार
यह संकेत देता है कि कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता और लागत प्रबंधन में बड़ा सुधार हुआ है.सरकार ने BSNL के टॉवर नेटवर्क, बैटरी सिस्टम और केबल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर सुधार किए हैं. कई राज्यों में टॉवर संचालन क्षमता 75% से बढ़ाकर 95% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे नेटवर्क क्वालिटी और सर्विस डिलीवरी में सुधार हुआ है. BSNL के सस्ते टैरिफ और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़ ने भी कंपनी की वापसी में अहम भूमिका निभाई है.
कंपनी की स्थिति में लगातार सुधार
डाक विभाग के जरिए सिम वितरण और गांव-गांव जागरूकता अभियान ने भी ग्राहकों को जोड़ने में मदद की है. सरकार के मुताबिक, योजनाबद्ध सुधारों और निवेश से कंपनी की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है.
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