Budget 2026: निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए बजट 2026 में इनकम टैक्स से जुड़े बड़े सुधारों का ऐलान किया. सरकार ने साफ किया कि अब करदाताओं को अपराधी की नजर से देखने की सोच बदली जाएगी. इस पहल के जरिए देश में भरोसा आधारित टैक्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है. बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत यदि आय में कोई त्रुटि पाई जाती है या अनजाने में टैक्स की कमी रह जाती है, तो ऐसे मामलों में जेल की सजा की बजाय केवल जुर्माना लगाया जाएगा. इससे ईमानदार करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
विदेशों में अघोषित संपत्ति पर 6 महीने की मोहलत
जिन लोगों की विदेशों में अघोषित संपत्ति है, उन्हें सरकार अपनी गलती सुधारने के लिए 6 महीने का विशेष समय देगी. ऐसे लोग एक खास प्रकटीकरण स्कीम के तहत अपनी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं. वित्त मंत्री ने बजट 2026-27 के भाषण में कहा कि छोटे टैक्स अपराधों पर केवल जुर्माना लगाया जाएगा. अन्य मामलों को अपराध की गंभीरता के अनुसार वर्गीकृत किया जाएगा. अधिकतम कारावास की अवधि घटाकर दो वर्ष कर दी गई है और अदालतों को इसे जुर्माने में बदलने का अधिकार भी दिया गया है.
अपील अवधि में ब्याज से राहत, अग्रिम भुगतान कम
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील लंबित रहने की अवधि के दौरान करदाता पर जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील का परिणाम कुछ भी हो. इसके अलावा अग्रिम कर भुगतान की सीमा को 20% से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और इसकी गणना अब केवल मूल कर मांग के आधार पर की जाएगी. बजट 2026 में इनकम टैक्स रिटर्न को लेकर भी बड़ी राहत दी गई है. अब ITR में गलती होने पर उसे सुधारना आसान होगा. सरकार ने इसके लिए अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है. करदाता मामूली शुल्क देकर देरी से रिटर्न अपडेट कर सकेंगे.
प्रॉपर्टी खरीद में राहत, TAN की झंझट खत्म
सरकार ने प्रॉपर्टी खरीदने की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है. अब यदि कोई व्यक्ति किसी NRI से घर या जमीन खरीदता है, तो उसे पहले की तरह TAN नंबर से जुड़ी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. नए नियमों के तहत बिना TAN नंबर के भी TDS काटा जा सकेगा. छोटे करदाताओं को भी बड़ी राहत दी गई है. अब उन्हें निल TDS सर्टिफिकेट के लिए टैक्स अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक और डिजिटल बना दिया गया है, जिससे टैक्स अनुपालन आसान होगा और समय की बचत भी होगी.
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