Cement Price Hike: अगर आप आने वाले दिनों में घर बनाने या किसी निर्माण कार्य की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके बजट पर असर पड़ सकता है. सीमेंट की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. अक्टूबर में सीमेंट कंपनियां प्रति बैग 5 से 20 रुपये तक दाम बढ़ा सकती हैं.
मानसून की विदाई के बाद कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे सीमेंट की मांग बढ़ सकती है और कंपनियों को कीमतें बढ़ाने का मौका मिल सकता है. हालांकि, कीमतों में होने वाली यह बढ़ोतरी कितने समय तक बनी रहती है, यह काफी हद तक बाजार की मांग और डीलर्स के रुख पर निर्भर करेगा. सेंट्रम ब्रोकिंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर डीलर्स बढ़ी हुई कीमतों को स्वीकार नहीं करते हैं या मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ती है, तो कंपनियों के लिए बढ़े हुए दाम को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है.
नवंबर से कंस्ट्रक्शन पर लग सकता है ब्रेक
सीमेंट कंपनियों की ओर से संभावित कीमत बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है, जब दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाने की तैयारी है. यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच लागू रहने की बात कही गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक 42 दिनों के लिए निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
इसका सीधा असर दिल्ली-NCR में चल रहे निर्माण कार्यों पर पड़ सकता है. निर्माण गतिविधियां कम होने से सीमेंट की मांग में भी गिरावट आने की संभावना है. ऐसे में अक्टूबर में कीमत बढ़ाने के बाद सीमेंट कंपनियों के लिए आगे की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है. अगर प्रतिबंधों के दौरान मांग कमजोर पड़ती है, तो कंपनियों को कीमतें घटाने या ग्राहकों और डीलर्स को डिस्काउंट देने का विकल्प भी अपनाना पड़ सकता है.
सितंबर में कितने बढ़े सीमेंट के दाम?
सेंट्रम की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के हफ्तों में ईंधन की लागत बढ़ने से सीमेंट कंपनियों पर कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ा है. हालांकि, कंपनियों के लिए कीमत बढ़ाने की गुंजाइश बाजार की मांग पर निर्भर करेगी. जुलाई और अगस्त के दौरान सीमेंट की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन सितंबर में बाजार में तेजी देखने को मिली. सितंबर में देशभर में सीमेंट की औसत ट्रेड कीमत करीब 7 रुपये प्रति बैग बढ़कर 356 रुपये हो गई.
सेंट्रम की जांच में ट्रेड और नॉन-ट्रेड दोनों सेगमेंट में कीमतों में बढ़ोतरी सामने आई. ज्यादातर बाजारों में नॉन-ट्रेड सेगमेंट में कीमतों में अपेक्षाकृत ज्यादा तेजी देखी गई. इस सेगमेंट में आम छोटे ग्राहकों के बजाय बड़े बिल्डर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स को सीमेंट की सप्लाई की जाती है. अक्टूबर में मानसून के बाद निर्माण गतिविधियों में तेजी और सीमेंट की मांग में संभावित बढ़ोतरी के बीच अब कंपनियों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी.
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