Coal Production: भारत के कोयला क्षेत्र से अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है. देश में कोयले का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. केंद्रीय कोयला मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में देश का कोयला उत्पादन सालाना आधार पर 7.51% बढ़कर 69.75 मिलियन टन (प्रोविजनल) पहुंच गया. इस वृद्धि में सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) का सबसे बड़ा योगदान रहा.
मंत्रालय का कहना है कि उत्पादन के साथ-साथ कोयले की आपूर्ति (डिस्पैच) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो देश में ऊर्जा मांग को पूरा करने और उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है.
जुलाई 2025 के मुकाबले तेजी से बढ़ा उत्पादन
केंद्रीय कोयला मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, जुलाई 2025 में देश का कुल कोयला उत्पादन 64.88 मिलियन टन था, जबकि जुलाई 2026 में यह बढ़कर 69.75 मिलियन टन हो गया. यानी एक साल में उत्पादन में 7.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. मंत्रालय के मुताबिक यह बढ़ोतरी पूरे कोयला क्षेत्र में लगातार सुधार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयासों का परिणाम है.
कोयला डिस्पैच में भी बड़ी छलांग
सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि कोयले की आपूर्ति (डिस्पैच) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है. जुलाई 2026 के दौरान देश का कुल कोयला डिस्पैच 86.33 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जो पिछले वर्ष के 73.57 मिलियन टन की तुलना में 17.34 प्रतिशत अधिक है. मंत्रालय का कहना है कि यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश में बिजली संयंत्रों और अन्य उद्योगों तक समय पर कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.
अप्रैल से जुलाई तक 302.24 मिलियन टन उत्पादन
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई के दौरान देश का कुल संचयी कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन (प्रोविजनल) दर्ज किया गया. इसी अवधि में कुल कोयला डिस्पैच 354.70 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत अधिक है.
कोल इंडिया लिमिटेड का सबसे बड़ा योगदान
देश के कुल कोयला उत्पादन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की रही. कंपनी ने जुलाई 2026 में 50.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 8.42 प्रतिशत अधिक है. वहीं, कंपनी का जुलाई महीने का कोयला डिस्पैच 63.67 मिलियन टन रहा, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 17.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके अलावा अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान CIL का संचयी कोयला डिस्पैच भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 6.81 प्रतिशत बढ़ा.
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
कोयला मंत्रालय ने कहा कि सरकार देश में कोयले की उपलब्धता बढ़ाने, उत्पादन क्षमता मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार काम कर रही है. मंत्रालय के अनुसार, उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही बढ़ोतरी न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती दे रही है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को भी नई ताकत प्रदान कर रही है.