जनवरी में कमर्शियल व्हीकल बिक्री 27% बढ़कर 99,544 यूनिट, GST कटौती से मांग मजबूत

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

CV Industry India Growth: भारत के कमर्शियल व्हीकल (सीवी) उद्योग ने जनवरी महीने में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है. थोक बिक्री (होलसेल) सालाना आधार पर 27% बढ़कर 99,544 यूनिट तक पहुंच गई. यह दिसंबर 2025 में दर्ज 97,682 यूनिट्स के मुकाबले 1.9% की क्रमिक बढ़ोतरी भी दर्शाती है, जिससे बाजार में मांग मजबूत होने के संकेत मिलते हैं.

GST कटौती और माल ढुलाई से बढ़ी मांग

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण 22 सितंबर 2025 से जीएसटी दर को 28% से घटाकर 18% किया जाना है. इसके अलावा देश में माल ढुलाई गतिविधियों में आई तेजी ने भी व्यावसायिक वाहनों की मांग को बढ़ावा दिया है.

M&HCV सेगमेंट में मजबूत उछाल

मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) सेगमेंट में जनवरी के दौरान रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, क्रमिक आधार पर इसमें 22.1% की बढ़ोतरी देखी गई. वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों में इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 6.3% बढ़ी, जो बड़े ट्रकों की मांग में सुधार का संकेत देती है.

LCV सेगमेंट में भी सकारात्मक रुझान

लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) सेगमेंट में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला. जनवरी के दौरान रिटेल बिक्री में 14.9% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों में यह 11.1% बढ़ी. यह वृद्धि मुख्य रूप से ई-कॉमर्स, शहरी डिलीवरी और छोटे व्यवसायों की गतिविधियों में तेजी से जुड़ी मानी जा रही है.

FY2026 के 10 महीनों का प्रदर्शन

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के पहले 10 महीनों के दौरान घरेलू सीवी थोक बिक्री में 11.3% और रिटेल बिक्री में 8.5% की वृद्धि दर्ज की गई. विश्लेषकों का मानना है कि उद्योग धीरे-धीरे स्थिर वृद्धि की ओर बढ़ रहा है. आगे के अनुमान की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में घरेलू सीवी उद्योग की थोक बिक्री 7 से 9% की दर से बढ़ सकती है, जबकि वित्त वर्ष 2027 में यह वृद्धि 4 से 6% रहने का अनुमान है.

आगे की संभावनाएं और निष्कर्ष

सेगमेंट के अनुसार, M&HCV ट्रकों में 7–9 प्रतिशत, LCV ट्रकों में 9–11 प्रतिशत और बस सेगमेंट में चालू वित्त वर्ष के दौरान 8–10 प्रतिशत वृद्धि संभव है. कुल मिलाकर, जीएसटी दर में कटौती और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण कमर्शियल व्हीकल उद्योग में मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में भी इस क्षेत्र में स्थिर विस्तार की संभावना जताई जा रही है.

यह भी पढ़े: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत, Q3 में 8% GDP ग्रोथ का अनुमान

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