Oil Price Near 100 Dollar: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने एक बार फिर दुनिया भर के बाजारों की चिंता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे ऊर्जा बाजार के साथ-साथ शेयर बाजारों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है. इस तेजी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बाधित सप्लाई प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी
ताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का दाम 0.82 प्रतिशत बढ़कर 99.29 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 1.15% बढ़कर 90.71 डॉलर प्रति बैरल हो गई है. इससे पहले भी पिछले सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बना सबसे बड़ा कारण
मध्य पूर्व का बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज इस समय वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है. रिपोर्टों के मुताबिक, इस मार्ग से गुजरने वाली शिपिंग गतिविधियां काफी हद तक ठप हो गई हैं और पिछले 24 घंटों में जहाजों की आवाजाही बेहद कम दर्ज की गई है. यही कारण है कि बाजार में सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ रहा है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है.
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने की घोषणा के बावजूद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है और प्रतिदिन भारी नुकसान उठा रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के लिए उत्सुक है. हालांकि, जमीनी स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, जिससे निवेशकों में सतर्कता देखी जा रही है.
भारतीय बाजार में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी के बावजूद भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में गिरावट देखने को मिली. सुबह 11:21 बजे यह 1.46 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 8,314 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, भारतीय शेयर बाजारों पर भी इसका असर साफ दिखाई दिया. सेंसेक्स 521 अंक या 0.66% गिरकर 78,748 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 128 अंक या 0.52% की कमजोरी के साथ 24,448 पर ट्रेड कर रहा था.
एशियाई बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला. टोक्यो, शंघाई और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में रहे, जबकि हांगकांग और सोल के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी शेयर बाजार भी पहले सत्र में लाल निशान में बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का मूड सतर्क बना हुआ है.
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