Diwali Price Hike 2026: दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. लोग घरों को सजाने-संवारने और धनतेरस पर खरीदारी करने की तैयारी में जुटे हैं. लेकिन इस बार त्योहार की खुशियों के बीच महंगाई लोगों का बजट बिगाड़ सकती है. कच्चे माल की बढ़ती लागत, खराब फसल और माल ढुलाई महंगी होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर मिठाइयों तक के दाम बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कीमतों में करीब 3 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, मिठाइयों के दाम भी लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. ऐसे में इस दिवाली लोगों को खरीदारी के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कीमतों में 7% तक इजाफा
दिवाली से पहले कई इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं. इनमें हायर, एलजी और ब्लू स्टार जैसी कंपनियां शामिल हैं. इन कंपनियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दामों में करीब 3 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं, हैवेल्स भी दिसंबर तक अपने उत्पादों की कीमतों में 5 से 7 प्रतिशत तक इजाफा करने की तैयारी कर रही है. कच्चे माल और माल ढुलाई की लागत बढ़ने को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है. इस बारे में मनीकंट्रोल से बातचीत करते हुए विजय सेल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गुप्ता ने बताया कि ग्राहक अब खरीदारी के लिए EMI पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं. उनके मुताबिक, करीब 70 प्रतिशत खरीदारी EMI के जरिए हो रही है. इससे ग्राहकों को एक साथ बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ती. उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन काफी अच्छा रहा है.
दिवाली पर मिठाइयां भी हुईं महंगी
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार मिठाई खरीदने के लिए भी लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है. मिठाइयों के दामों में करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसकी बड़ी वजह ड्राई फ्रूट्स, दूध और चीनी जैसी जरूरी सामग्रियों की कीमतों में हुई वृद्धि है. इनके महंगे होने से पारंपरिक मिठाइयों की लागत भी बढ़ गई है. इसका सीधा असर बाजार में मिलने वाली मिठाइयों की कीमतों पर पड़ रहा है.
आखिर क्यों बढ़ रही है दिवाली की खरीदारी की लागत?
इस बार त्योहार से पहले घरेलू सामान और मिठाइयों की कीमतें बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं.
- कच्चे माल की बढ़ती कीमतें: इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मिठाइयों को बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री महंगी हुई है.
- माल ढुलाई का खर्च: परिवहन लागत बढ़ने से उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना महंगा पड़ रहा है.
- खराब फसल: फसल प्रभावित होने से खाद्य सामग्री की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ा है.
- ड्राई फ्रूट्स, दूध और चीनी की कीमतें: इन सामग्रियों के महंगे होने से मिठाइयों की लागत बढ़ गई है.
ऐसे में इस दिवाली इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू जरूरतों की चीजें और मिठाइयां खरीदना लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है. धनतेरस और दीपावली की खरीदारी से पहले ग्राहकों को अपने बजट का ध्यान रखना होगा.

