LPG Cylinder Price Today: महंगाई से जूझ रहे करोड़ों परिवारों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं, जिसके बाद देशभर में रसोई गैस का खर्च बढ़ जाएगा. राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है. यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं.
इससे पहले 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये का इजाफा किया गया था. ऐसे में लगातार दूसरी बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है. रसोई गैस हर घर की जरूरत है और कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है.
दिल्ली से पटना तक बढ़े दाम
नई कीमतें लागू होने के बाद देश के कई बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा रकम चुकानी होगी. कुछ शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 1000 रुपये के पार पहुंच गया है.
| शहर | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| दिल्ली | 913.00 रुपये | 942.00 रुपये |
| पटना | 1002.50 रुपये | 1031.50 रुपये |
| हैदराबाद | 967.00 रुपये | 996.00 रुपये |
| लखनऊ | 951.00 रुपये | 980.00 रुपये |
| कोलकाता | 939.00 रुपये | 968.00 रुपये |
| चेन्नई | 928.50 रुपये | 957.50 रुपये |
| जयपुर | 916.50 रुपये | 945.50 रुपये |
| मुंबई | 912.50 रुपये | 941.50 रुपये |
| बेंगलुरु | 915.50 रुपये | यथावत |
दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में कीमतें 940 रुपये के पार पहुंच गई हैं, जबकि पटना में घरेलू सिलेंडर अब 1031.50 रुपये में मिलेगा.
तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम
घरेलू एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मार्च में भी उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया गया था. 7 मार्च को सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था. अब जून में फिर 29 रुपये की वृद्धि होने से रसोई गैस का खर्च और बढ़ गया है. ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लागत और तेल कंपनियों पर पड़ रहे वित्तीय दबाव के चलते कीमतों में संशोधन किया गया है.
आखिर क्यों बढ़ाए गए LPG के दाम?
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बनी अनिश्चितता का असर भारत पर भी पड़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण एलपीजी आयात की लागत बढ़ी है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है. सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लागत से कम कीमत पर बेच रही थीं. उद्योग सूत्रों के मुताबिक यह बढ़ोतरी कंपनियों की बढ़ती अंडर-रिकवरी की आंशिक भरपाई के लिए की गई है.
पहले कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ था महंगा
घरेलू उपभोक्ताओं से पहले कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं पर भी महंगाई की मार पड़ी थी. 1 जून को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. दिल्ली में इसकी कीमत 3071.50 रुपये से बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई थी. कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने के कुछ ही दिनों बाद अब घरेलू सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्तरां और आम परिवार सभी प्रभावित होंगे.
सरकार ने क्या कहा?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार घरेलू बाजार में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है. इसके लिए उत्पादन बढ़ाने और आयात व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जहां तक घरेलू खाना पकाने वाले LPG सिलेंडर पर अंडर-रिकवरी की बात है, तो यह अभी भी लगभग 700 रुपये के दायरे में है.” शर्मा ने यह भी बताया कि एलपीजी की मांग में हालिया कमी के पीछे कई कारण हैं. इनमें कमर्शियल और इंडस्ट्रियल खपत में गिरावट, बेहतर बुकिंग प्रबंधन और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन सिस्टम प्रमुख हैं.
आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा असर?
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी का सीधा असर करोड़ों परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा. जिन घरों में हर महीने एक या उससे अधिक सिलेंडर की खपत होती है, उन्हें अब पहले से ज्यादा खर्च करना होगा. महंगाई, बढ़ती ईंधन लागत और रोजमर्रा के खर्चों के बीच घरेलू गैस सिलेंडर का महंगा होना आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है. आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति और सरकार की नीतियां तय करेंगी कि एलपीजी की कीमतों में स्थिरता आती है या उपभोक्ताओं को आगे भी ऐसे झटके झेलने पड़ सकते हैं.
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