भारत में EV क्रांति की रफ्तार तेज, 9 साल में बिक्री 46 गुना बढ़ी, 2034 तक 191 अरब डॉलर का होगा बाजार

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Electric Vehicle News: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता इस्तेमाल अब सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला बड़ा सेक्टर बनकर उभर रहा है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नीतियां, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और लगातार बढ़ता निवेश इस बदलाव को और तेज कर रहा है. इसी बीच सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को लेकर कई अहम आंकड़े साझा किए हैं, जो बताते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े EV बाजारों में शामिल हो सकता है.

9 साल में EV बिक्री 46 गुना बढ़ी

सरकार ने बुधवार को कहा कि देश में ईवी की बिक्री 2016 में लगभग 50,000 यूनिट से बढ़कर 2025 में 23 लाख यूनिट हो गई है. यानी इस अवधि में करीब 46 गुना वृद्धि दर्ज की गई है. अनुमान है कि 2034 तक भारत का ईवी बाजार 191.04 अरब डॉलर का हो जाएगा. इस दौरान इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 54.94 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

वैश्विक बाजार से भी तेज रही भारत की रफ्तार

सरकारी बयान के अनुसार, भारत की वृद्धि वैश्विक रुझानों से भी तेज रही है. दुनिया भर में ईवी की बिक्री 2016 में 9.18 लाख यूनिट से बढ़कर 2024 में 1.878 करोड़ यूनिट हुई, यानी लगभग 20 गुना वृद्धि हुई. वहीं भारत में इस दौरान ईवी बिक्री की रफ्तार इससे कहीं अधिक तेज रही. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ईवी बैटरी बाजार 2025 में 2.71 अरब डॉलर से बढ़कर 2034 तक 15.90 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इस दौरान इसकी CAGR 21.70 प्रतिशत रहने की संभावना है.

2030 तक 30% वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य 2030 तक देश में बिकने वाले कुल वाहनों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की करना है. इसके लिए 2030 तक 13.2 लाख चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि देश में ईवी इकोसिस्टम को और मजबूत बनाया जा सके. भारत में ईवी की पैठ 2020 में वैश्विक औसत के लगभग पांचवें हिस्से से बढ़कर 2024 में दो-पांचवें से अधिक हो गई है. वर्ष 2025 में इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान 12.8 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 8 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री का रहा.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ी भारतीय EV की मौजूदगी

भारतीय ईवी अब वैश्विक बाजारों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं. ईवी निर्यात 2020 में 12 लाख डॉलर से बढ़कर 2024 में 8.4 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है. भारत से ईवी के प्रमुख निर्यात गंतव्यों में नेपाल, इंडोनेशिया और जापान शामिल हैं. चार्जिंग नेटवर्क के मोर्चे पर भी तेजी से काम हो रहा है. भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के अनुसार, जुलाई 2026 तक देश में 52,718 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं. इनमें से 16,561 स्टेशनों पर फास्ट EV चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है.

EV सेक्टर में बढ़ रहा निवेश

सरकारी बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में ईवी सेक्टर ने लगभग 1.4 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जो 2024 की तुलना में करीब 27 प्रतिशत अधिक है. इस निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा ईवी निर्माताओं को मिला, जिन्होंने करीब 1.2 अरब डॉलर जुटाए. वहीं दिल्ली ईवी निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरी. सरकार ने कहा कि वह 2015 से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इनमें फेम योजना (FAME), एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) के लिए PLI योजना और बैटरी लोकलाइजेशन जैसी पहलें शामिल हैं.

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