भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह सालाना आधार पर 4.09% बढ़कर 22.78 लाख करोड़ रुपए के पार

Shivam
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वित्त वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल 2025 से 10 फरवरी 2026 तक भारत का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.09% की सालाना बढ़ोतरी के साथ 22.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 21.88 लाख करोड़ रुपये था. आयकर विभाग के अनुसार, इस दौरान 3.34 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जिसके बाद शुद्ध कर संग्रह 19.43 लाख करोड़ रुपये रहा. शुद्ध संग्रह में वर्ष-दर-वर्ष 9.40% की वृद्धि दर्ज की गई है.

कॉरपोरेट और गैर-कॉरपोरेट कर में बढ़त

पिछले साल समान अवधि में सरकार का शुद्ध कर संग्रह 17.76 लाख करोड़ रुपये था. इस दौरान आयकर विभाग ने 4.11 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया था. आयकर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षा अवधि में शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 8.89 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले साल यह 7.77 लाख करोड़ रुपये था. इसी अवधि में शुद्ध गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह 10.03 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 9.47 लाख करोड़ रुपये था.

एसटीटी और अन्य कर संग्रह

समीक्षा अवधि के दौरान सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) के रूप में 50,279 करोड़ रुपये का संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 49,201 करोड़ रुपये था. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक सकल अन्य कर के तौर पर 358.44 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. इसमें 32.06 करोड़ रुपये का रिफंड शामिल है, जिसके बाद शुद्ध अन्य कर संग्रह 326.38 करोड़ रुपये पर पहुंचता है. इससे पहले सरकार ने जीएसटी संग्रह के ताजा आंकड़े भी जारी किए थे.

जनवरी में जीएसटी कलेक्शन मजबूत

जनवरी में सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 6.2% बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि जनवरी 2025 में यह 1.82 लाख करोड़ रुपये था. सरकार के मुताबिक, अप्रैल से जनवरी 2025-26 की अवधि में सकल जीएसटी संग्रह 18.43 लाख करोड़ रुपये रहा है. इस अवधि में सकल जीएसटी संग्रह में 8.3% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जनवरी महीने में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 7.6% अधिक है. वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत से अब तक शुद्ध जीएसटी संग्रह 6.8% की सालाना वृद्धि के साथ 15.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

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