Global Tech Hiring 2026: वैश्विक स्तर पर 2026 की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान टेक्नोलॉजी सेक्टर में भर्ती का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों पर रहा. हालांकि, इन तकनीकी क्षेत्रों में मांग बनी रहने के बावजूद कुल वैश्विक रोजगार बाजार में सुस्ती देखने को मिली. सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.
इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ग्लोबलडेटा की ‘ग्लोबल हायरिंग एक्टिविटी ट्रेंड्स एंड सिग्नल्स – क्यू2 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में एआई, बिग डेटा और साइबर सुरक्षा सबसे प्रमुख तकनीकी विषय बने रहे. खासतौर पर एआई के क्षेत्र में जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग से जुड़ी नौकरियों की मांग प्रमुख रही.
जनरेटिव एआई की नौकरियों में भारत और अमेरिका आगे
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में जनरेटिव एआई से संबंधित नौकरी के विज्ञापनों की सबसे बड़ी संख्या अमेरिका और भारत में रही. इससे पता चलता है कि इन दोनों देशों में कंपनियां एआई आधारित तकनीक और उससे जुड़े कौशल वाले कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं. जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवारों की जरूरत भी बढ़ रही है. वहीं साइबर सुरक्षा और बिग डेटा भी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भर्ती रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाए हुए हैं.
वैश्विक नौकरी बाजार में आई 2.3 प्रतिशत की गिरावट
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में कुछ खास कौशलों की मांग मजबूत रहने के बावजूद 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक रोजगार बाजार की रफ्तार धीमी रही. रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में कुल नौकरी के विज्ञापनों में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनियों ने भर्ती को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाया. इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में नौकरी के विज्ञापनों पर देखने को मिला.
अमेरिका और ब्रिटेन में मामूली सुधार
कुल भर्ती गतिविधि में नरमी के बीच कुछ देशों में नौकरी के बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया. अमेरिका और ब्रिटेन दोनों में नौकरी के विज्ञापनों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई. वहीं नीदरलैंड में स्थिर आर्थिक वृद्धि, घरेलू खर्च में बढ़ोतरी और सरकारी खर्च बढ़ने के कारण भर्ती गतिविधियों में इजाफा हुआ. ग्लोबलडेटा की बिजनेस फंडामेंटल्स एनालिस्ट शेरला श्रीपदा ने रिपोर्ट के निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन दोनों में नौकरी के विज्ञापनों में मामूली वृद्धि हुई. श्रीपदा ने कहा कि नीदरलैंड में स्थिर आर्थिक विस्तार, बढ़ते घरेलू खर्च और बढ़े हुए सरकारी खर्च के कारण नौकरी के विज्ञापनों में वृद्धि हुई. उन्होंने कहा कि उत्तरी अमेरिका एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जहां घरेलू स्तर पर भर्ती बढ़ी. नियोक्ताओं ने नौकरी के विज्ञापनों का बड़ा हिस्सा घरेलू भूमिकाओं की ओर स्थानांतरित किया, जबकि क्षेत्र के बाहर की नौकरियों के विज्ञापनों की हिस्सेदारी घट गई.
कंपनियां भर्ती के साथ उत्पादकता पर भी दे रही हैं जोर
श्रीपदा ने कहा कि नौकरी के विज्ञापनों में गिरावट एक चयनात्मक भर्ती माहौल का संकेत देती है. कंपनियां बाहरी भर्ती के साथ कर्मचारियों के बेहतर इस्तेमाल, उत्पादकता बढ़ाने और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं. इसका मतलब है कि कंपनियां बड़े पैमाने पर भर्ती करने के बजाय जरूरत के मुताबिक खास कौशल वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं. एआई, बिग डेटा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता इसी बदलते भर्ती रुझान का हिस्सा है.
ऑटोमोबाइल और तेल-गैस में भर्ती बढ़ी
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकांश उद्योगों में भर्ती गतिविधि में गिरावट आई. हालांकि, कुछ सेक्टरों ने इस रुझान को पलट दिया. ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग तथा तेल एवं गैस क्षेत्रों में नौकरी के अवसरों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई. ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भर्ती बढ़ने की वजह नए वाहनों की लॉन्चिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार के लिए जारी निवेश को बताया गया है.
रिटेल और टेक सेक्टर में सबसे ज्यादा नौकरी के विज्ञापन
दुनियाभर में रिटेल और तकनीकी क्षेत्र नौकरी के विज्ञापनों की सबसे बड़ी संख्या पैदा करते रहे. कुल भर्ती गतिविधि में गिरावट के बावजूद इन क्षेत्रों में प्रतिभाओं की मांग बनी हुई है. रिपोर्ट के आंकड़े संकेत देते हैं कि वैश्विक स्तर पर कंपनियां भर्ती को लेकर भले ही सतर्क हो गई हों, लेकिन एआई, जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा और साइबर सुरक्षा जैसे तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रतिभाओं की जरूरत अभी भी मजबूत बनी हुई है.
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