Dabur India ने GreenLine से मिलाया हाथ, LNG ट्रकों से बदलेगी सप्लाई चेन की तस्वीर

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

GreenLine-Dabur Partnership: देश में ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. एस्सार ग्रुप की कंपनी और भारत की एकमात्र एलएनजी एवं इलेक्ट्रिक से चलने वाले हैवी कमर्शियल ट्रकों की ग्रीन लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य एलएनजी से संचालित ट्रकों के जरिए डाबर इंडिया की सड़क परिवहन आधारित सप्लाई चेन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाना और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है.

यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब देश की बड़ी कंपनियां अपनी डिकार्बोनाइजेशन रणनीति के तहत कम उत्सर्जन वाले परिवहन विकल्पों को तेजी से अपना रही हैं. ग्रीनलाइन और डाबर का यह सहयोग टिकाऊ लॉजिस्टिक्स और हरित सप्लाई चेन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

डाबर के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में तैनात होंगे LNG ट्रक

इस साझेदारी के तहत ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस, डाबर इंडिया के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में अपने एलएनजी से संचालित ट्रकों की तैनाती करेगी. इससे कंपनी की ग्रीन और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में चल रही पहल को और मजबूती मिलेगी. एलएनजी आधारित परिवहन अपनाने से लंबी दूरी तक माल ढुलाई के दौरान होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी. साथ ही परिचालन दक्षता और परिवहन की विश्वसनीयता भी पहले की तरह बनी रहेगी.

डिकार्बोनाइजेशन रणनीति को मिलेगा बढ़ावा

यह सहयोग इस बात का संकेत है कि भारत की बड़ी कंपनियां अब कम उत्सर्जन वाले माल परिवहन समाधानों को अपनी कारोबारी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही हैं. कंपनियां पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने पर भी लगातार जोर दे रही हैं. ग्रीनलाइन और डाबर की यह साझेदारी सड़क परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा आधारित समाधान अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

ग्रीनलाइन ने क्या कहा?

ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स) चार्ल्स डेवलिन डीकोस्टा ने कहा कि डाबर इंडिया जैसी प्रतिष्ठित उपभोक्ता उत्पाद कंपनी के साथ साझेदारी करना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि यह उत्साहजनक है कि देश की अग्रणी कंपनियां कम उत्सर्जन वाले लॉजिस्टिक्स को अपनी कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही हैं. उनके अनुसार, इस तरह की हर नई साझेदारी स्वच्छ माल परिवहन व्यवस्था को गति देती है और भारत के सड़क लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद करती है.

डाबर इंडिया ने क्या कहा?

डाबर इंडिया के ग्लोबल डायरेक्टर (सप्लाई चेन) सम्राट सहगल ने कहा कि कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रणनीति में सप्लाई चेन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना एक प्रमुख लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि ग्रीनलाइन के साथ यह साझेदारी कंपनी को अपने लॉजिस्टिक्स संचालन में कम उत्सर्जन वाले परिवहन को शामिल करने का अवसर देती है. इससे परिचालन की दक्षता और विश्वसनीयता भी बनी रहती है. उनके मुताबिक, इस तरह के सहयोग भविष्य के लिए अधिक टिकाऊ और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

ग्रीनलाइन के पास 1,000 से ज्यादा ग्रीन ट्रक

ग्रीनलाइन भारत में एलएनजी और इलेक्ट्रिक से संचालित हैवी कमर्शियल ट्रकों के जरिए कम उत्सर्जन वाले सड़क माल परिवहन को बढ़ावा दे रही है. वर्तमान में कंपनी के पास 1,000 से अधिक वाहन हैं, जो देश के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर पर स्टील, सीमेंट, खनन, एफएमसीजी और केमिकल जैसे विभिन्न क्षेत्रों को सेवाएं दे रहे हैं.

कंपनी का बेड़ा अब तक 10 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है. इसके माध्यम से ग्राहकों को 27,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है, जो ग्रीन लॉजिस्टिक्स की दिशा में कंपनी की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.

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