BRICS Summit: दुनिया को युद्धों की नहीं, शांति की जरूरत, UN प्रमुख ने की संघर्षों को रोकने की अपील

New Delhi: ब्र‍िक्‍स शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शांति की अपील की. उन्होंने कहा क‍ि गाजा से लेकर पूरे मध्य पूर्व, यूक्रेन, सूडान और अन्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों तक दुनिया को शांति की जरूरत है. समावेशी वैश्विक विकास का रास्ता शांति से ही होकर जाता है. ऐसे संघर्षों का असर खास तौर पर ग्लोबल साउथ पर पड़ रहा है. गुटेरेस ने कहा क‍ि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए.

अधिकार और स्वतंत्रता का सम्मान

इन जिम्मेदारियों में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर आवागमन के अधिकार और स्वतंत्रता का सम्मान, देशों की संप्रभु समानता, उनकी क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, तथा अंतरराष्ट्रीय मानवीय और मानवाधिकार कानूनों का पालन शामिल है. फरवरी में इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से होने वाली समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई. इससे दुनिया के तेल और गैस की उस बड़ी आपूर्ति पर असर पड़ा जो इस मार्ग से गुजरती है.

सम्मेलन के विषय का भी जिक्र

दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति इसी रास्ते से होती है. गुटेरेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तय किए गए सम्मेलन के विषय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा क‍ि जैसा कि इस सम्मेलन का विषय सही तरीके से बताता है, हमें लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के आधार पर आगे बढ़ना होगा. ये सभी चीजें समावेशी वैश्विक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं. इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शांति सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक है.

गाजा और सूडान में शांति के लिए अपील

मध्य पूर्व, गाजा और सूडान में शांति के लिए गुटेरेस की अपील शनिवार को अपनाए गए ब्र‍िक्‍स संयुक्त घोषणा-पत्र में भी दिखाई दी. ब्र‍िक्‍स देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक एकजुटता का संकेत देते हुए ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के नेताओं ने भी इस घोषणा-पत्र का समर्थन किया. 11 सदस्य देशों के इस घोषणा-पत्र में मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई.

युद्धविराम बनाए रखने की अपील

साथ ही ऐसे कदम उठाने से बचने को कहा गया जो हालात को और खराब कर सकते हैं. घोषणा-पत्र में गाजा के सभी पक्षों से युद्धविराम बनाए रखने की अपील की गई. इसमें फिलिस्तीनियों के मौलिक और अविभाज्य अधिकारों की रक्षा का समर्थन किया गया और उन्हें उनके घरों से बेदखल किए जाने का विरोध किया गया.

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