Kyiv: यूक्रेन में रूस की आक्रामकता लगातार जारी है. बुधवार सुबह निकोपोल जिले में एक रूसी एफपीवी ड्रोन ने यात्री बस को निशाना बनाया. हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और सात घायल हो गए. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर रूस की इस आक्रामकता की जानकारी साझा की. सिबिहा ने पोस्ट में लिखा कि रूस का आतंक एक दिन के लिए भी नहीं रुकता.
यात्री बस को बनाया निशाना
आज सुबह निकोपोल जिले में एक रूसी एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) ड्रोन ने एक यात्री बस को निशाना बनाया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और सात घायल हो गए. आज ही रूस ने कीव-माइकोलाइव यात्री ट्रेन पर भी हमला किया. हालांकि यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया. सिबिहा ने कहा कि ये हमले एक ही सोच और रणनीति का हिस्सा हैं.
अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण
रूसी सेना यात्री ट्रेनों, लोकोमोटिव, रेलवे स्टेशनों और रेल मार्गों को निशाना बना रही है, जबकि उसे अच्छी तरह पता है कि ये आम लोगों, निकासी अभियानों और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं. यह कोई गलती से हुआ नुकसान नहीं है. यह लोगों को निशाना बनाने और सामान्य नागरिक जीवन को ठप करने की एक सोची-समझी कोशिश है.
रूस का आतंक हर दिन जारी
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया कभी-कभी होने वाली नहीं हो सकती, जबकि रूस का आतंक हर दिन जारी है. रूस के हर हमले के जवाब में उस पर नया दबाव बनाया जाना चाहिए. हर हमले के बाद रूस की आय, तकनीक, उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन पर नए प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए. जब तक रूस यह आक्रामकता जारी रखे, उसकी कीमत उसे हर दिन और ज्यादा चुकानी चाहिए.
इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत
सिबिहा ने कहा कि रूस से यह क्षमता छीननी होगी. यूक्रेन को अभी और हवाई रक्षा प्रणालियों तथा इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत है. साथ ही रूस की युद्ध मशीन, उसके उत्पादन और उसके वित्तीय संसाधनों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया जाना चाहिए. अगर मॉस्को हर दिन तनाव बढ़ाने का रास्ता चुनता है, तो उस पर दबाव भी हर दिन बढ़ाया जाना चाहिए.
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