भारत बना Global Seafood Hub, FY25 में ऐतिहासिक उपलब्धि

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

सरकार ने सोमवार को जानकारी दी कि FY24-25 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. इस अवधि में निर्यात बढ़कर 62,408 करोड़ रुपये हो गया, जो FY23-24 के 60,523.89 करोड़ रुपये की तुलना में 3.11% अधिक है. अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा भारी शुल्क लगाए जाने के बावजूद चालू FY25-26 में भी निर्यात की रफ्तार बनी हुई है. इसी के साथ देश में मछली उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.

मछली उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल

वर्ष 2024-25 में मछली उत्पादन बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया, जबकि वर्ष 2013-14 में यह 95.79 लाख टन था, यानी 106% की भारी बढ़ोतरी हुई है. अप्रैल 2025 से अमेरिका ने भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों पर शुल्क बहुत बढ़ा दिए हैं. खासकर झींगा निर्यात पर चरणबद्ध तरीके से शुल्क बढ़ाकर कुल 58.26% कर दिया गया है. अमेरिका को होने वाले भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में झींगे की हिस्सेदारी करीब 90% है.

अमेरिका के टैरिफ के बावजूद निर्यात में बढ़त

इतनी बड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत के समुद्री खाद्य उद्योग ने मजबूती से हालात का सामना किया है और अपना प्रदर्शन बनाए रखा है. सरकारी बयान के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर 2024 (टैरिफ लागू होने से पहले) और अप्रैल से अक्टूबर 2025 (टैरिफ लागू होने के बाद) की तुलना करने पर यह स्पष्ट होता है कि निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है. इस दौरान समुद्री खाद्य निर्यात का मूल्य 21% बढ़कर 35,107.6 करोड़ रुपये से 42,322.3 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

निर्यात मात्रा और झींगा कारोबार में तेजी

इसी अवधि में मात्रा के लिहाज से भी निर्यात 12% की बढ़त के साथ 9.62 लाख टन से बढ़कर 10.73 लाख टन हो गया. वहीं, जमे हुए झींगों के निर्यात में मूल्य के आधार पर 17% और मात्रा के हिसाब से 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने कहा कि पिछले दशक में चलाई गई योजनाओं और सही नीतियों की वजह से मत्स्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं. वर्ष 2014-15 से मत्स्य पालन विभाग द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 74.66 लाख लोगों को रोजगार मिला है, जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल हैं.

भारत बन रहा है Global Seafood Hub

वर्तमान में भारत 130 देशों को 350 से अधिक प्रकार के समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात करता है, जिसमें मत्स्य पालन का योगदान निर्यात मूल्य का 62% है. भारत अब उच्च मूल्य और प्रसंस्कृत समुद्री खाद्य उत्पादों का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. मंत्रालय के मुताबिक, मूल्यवर्धित समुद्री उत्पादों की हिस्सेदारी भारत के कुल निर्यात में लगभग 11% तक पहुंच चुकी है. बीते पांच वर्षों में इन उत्पादों के निर्यात में 56 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, जो 4,863.40 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,589.93 करोड़ रुपये हो गई है.

मत्स्य क्षेत्र में सरकार का बड़ा निवेश

इसी अवधि में केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश को भी काफी बढ़ाया है. सरकार के अनुसार, विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 38,572 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है या इसकी घोषणा की जा चुकी है. इनमें ब्लू रिवोल्यूशन, मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं.

Latest News

T20 World Cup 2026 IND vs ENG: भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में बनाई जगह, अब न्यूजीलैंड से होगा खिताबी...

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली. अब टीम इंडिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा.

More Articles Like This

Exit mobile version