भारत में घर खरीदना होगा आसान: बढ़ती आय और घटती दरों से सुधरेगी हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India Housing Affordability: भारत में आने वाले वर्षों में घर खरीदना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है. गुरुवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती आय और सरकार की सहायक नीतियों के कारण प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतों का असर संतुलित होने की उम्मीद है. इससे उन लाखों लोगों को राहत मिल सकती है जो पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती कीमतों और महंगे होम लोन के कारण घर खरीदने से पीछे हट रहे थे.

रिपोर्ट में क्या कहा गया

CBRE South Asia की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 से 2028 के बीच भारत में हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी स्थिर रहने की संभावना है. रिपोर्ट ‘India Residential Market Outlook 2026’ में कहा गया है कि 2021 के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिलेगा जब लोगों की आय प्रॉपर्टी की कीमतों से ज्यादा तेजी से बढ़ेगी. यह बदलाव हाउसिंग मार्केट के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

EMI का बोझ होगा कम

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर होम लोन पर पड़ेगा. जब आय तेजी से बढ़ेगी और ब्याज दरों में स्थिरता आएगी, तो ईएमआई का बोझ कम महसूस होगा. इससे अधिक लोग घर खरीदने के लिए आगे आएंगे और हाउसिंग डिमांड में तेजी देखने को मिल सकती है.

बड़े शहरों में हुआ विश्लेषण

रिपोर्ट में Mumbai, Delhi NCR, Bengaluru, Hyderabad, Chennai और Pune जैसे छह बड़े शहरों का अध्ययन किया गया है. इसमें 2021 से 2028 तक ईएमआई और आय के अनुपात का विस्तृत विश्लेषण शामिल है, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि लोगों की खरीद क्षमता कैसे बदल रही है.

पहले बिगड़ी थी स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी लगातार खराब हुई थी. इसका कारण था प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और होम लोन की ब्याज दरों का ऊंचा स्तर, जबकि लोगों की आय उतनी तेजी से नहीं बढ़ी. इस वजह से आम लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया था.

अब बदल रहा है ट्रेंड

हालांकि अब यह ट्रेंड बदलने की उम्मीद है. 2026 के बाद ईएमआई और आय का अनुपात स्थिर हो जाएगा, जिससे घर खरीदना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा. विशेषज्ञ इसे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मान रहे हैं.

रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

विशेषज्ञों का मानना है कि कम होती ब्याज दरें, प्रॉपर्टी कीमतों की धीमी वृद्धि और बढ़ती आय मिलकर हाउसिंग डिमांड को मजबूत करेंगी. इससे रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी और निवेश भी बढ़ेगा.

2030 तक और मजबूत होगा बाजार

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2030 तक भारत के अपर-मिडिल इनकम देश बनने की दिशा में आगे बढ़ने से हाउसिंग सेक्टर को और मजबूती मिलेगी. इससे मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता बढ़ेगी और घरों की मांग में स्थिर वृद्धि देखने को मिलेगी.

प्रीमियम घरों की बढ़ती मांग

रिपोर्ट के अनुसार, अब लोग प्रीमियम और लग्जरी घरों की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं. कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत रही है और इस सेगमेंट में बिक्री पिछले साल के मुकाबले 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है. यह दर्शाता है कि उच्च आय वर्ग की मांग तेजी से बढ़ रही है.

2025 में मजबूत रहा बाजार

2025 में रियल एस्टेट बाजार काफी मजबूत रहा, जहां नए प्रोजेक्ट लॉन्च और बिक्री दोनों 2.7 लाख यूनिट से ज्यादा रही. यह संकेत देता है कि हाउसिंग सेक्टर में निवेशकों और खरीदारों का भरोसा बना हुआ है.

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