भारत भविष्य की नौकरियों के लिए टॉप मार्केट, PM मोदी ने की क्यूएस सर्वे की सराहना

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

क्यूएस (QS) वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स के पहले संस्करण में भारत की जॉब मार्केट को भविष्य की सबसे ज्यादा मांग वाली स्किल्स के लिए तैयार बाजारों में से एक बताया गया है. इसमें आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, डिजिटल और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत की मजबूती को रेखांकित किया गया है. पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को सराहा और एक्‍स पर लिखा, “यह देखकर बेहद खुशी हो रही है!

पिछले दशक में हमारी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें संपत्ति निर्माण में सक्षम बनाने के लिए स्किल्स विकसित करने पर जोर दिया है. हमने भारत को नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है. QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स की यह रिपोर्ट हमें आगे बढ़ने में उपयोगी दिशा प्रदान करती है.”

चार मुख्य मापदंडों पर आधारित मूल्यांकन

यह इंडेक्स, जिसे QS क्वाक्क्वारेली सायमंड्स द्वारा तैयार किया गया है, देशों की अंतर्राष्ट्रीय नौकरी बाजार की बदलती मांगों को पूरा करने की क्षमता का मूल्यांकन करता है. इसमें चार प्रमुख मापदंड शामिल हैं.

  • स्किल्स फिट: यह देखता है कि शिक्षा प्रणाली उद्योग और नियोक्ताओं की आवश्यकताओं के साथ कितनी मेल खाती है.
    अकादमिक रेडीनेस: यह मापता है कि कोई देश भविष्य के उद्योगों के लिए आवश्यक स्किल्स प्रदान करने में कितना सक्षम है.
  • फ्यूचर ऑफ वर्क: यह देश के नौकरी बाजार की क्षमता को मापता है कि वह भविष्य की मांग वाली स्किल्स के लिए तैयार है.
  • इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन: यह देखता है कि देश की अर्थव्यवस्था नई स्किल्स-आधारित औद्योगिक विकास को अपनाने के लिए कितनी तैयार है.

भारत को मिला कुल मिलाकर 25वां स्थान

इस इंडेक्स में भारत को कुल मिलाकर 25वां स्थान मिला है. भारत को फ्यूचर स्किल्स कंटेंडर के रूप में पहचाना गया है. विशेष रूप से फ्यूचर ऑफ वर्क मापदंड में भारत ने दुनिया में दूसरा स्थान (99.1) हासिल किया है, जो अमेरिका से केवल थोड़ा पीछे है. भारत की वेंचर कैपिटल फंडिंग को आकर्षित करने की मजबूत क्षमता, वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद, इसके निवेश इकोसिस्टम की मजबूती को दर्शाती है.

QS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और मैक्सिको को डिजिटल भूमिकाओं के लिए भर्ती के लिए सबसे तैयार देश माना गया है. इसके अलावा, भारत की AI को अपने कार्यबल में शामिल करने की क्षमता को भी रिपोर्ट में सराहा गया है. हालांकि, रिपोर्ट ने भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली, उद्योग साझेदारी और रोजगार बाजार में सुधार की संभावनाओं को भी उजागर किया है. भारतीय विश्वविद्यालयों के QS रैंकिंग में मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, रिपोर्ट बताती है कि स्नातकों को डिजिटल, AI और हरित स्किल्स से लैस करने के लिए और अधिक प्रयास की जरूरत है.

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