India Services PMI: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. देश का सेवा क्षेत्र मई महीने में और मजबूत हुआ है. एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नए कारोबार में तेज बढ़ोतरी, विदेशी मांग में सुधार और रोजगार सृजन में मजबूती के चलते भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया गया है. मई में सर्विस सेक्टर का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) बढ़कर 59.8 पर पहुंच गया, जो अप्रैल में 58.8 था. यह आंकड़ा सेवा क्षेत्र में मजबूत कारोबारी गतिविधियों का संकेत माना जाता है.
नए कारोबार ने बढ़ाई रफ्तार
रिपोर्ट के मुताबिक माल ढुलाई, डिजिटल सेवाओं, ई-कॉमर्स, मनोरंजन और IT सेवाओं की बढ़ती मांग ने नए कारोबार को मजबूती दी. नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार तेज होने से कंपनियों ने अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार किया और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया. FY25-26 की पहली तिमाही के दौरान सेवा क्षेत्र को मिलने वाले नए ऑर्डरों में पिछले छह महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई. इससे मार्च में दिखाई देने वाली सुस्ती पूरी तरह पीछे छूट गई.
विदेशी बाजारों से भी मिला मजबूत समर्थन
भारतीय सेवा कंपनियों को विदेशी बाजारों से भी अधिक कारोबार प्राप्त हुआ. हालांकि अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों की वृद्धि कुल बिक्री की तुलना में थोड़ी कम रही और 2025 के औसत स्तर से नीचे रही, लेकिन विदेशी मांग लगातार मजबूत बनी रही. कंपनियों ने बताया कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूनाइटेड किंगडम (यूके) से अधिक कारोबार मिला.
लागत का दबाव घटा, कीमतों में बढ़ोतरी हुई धीमी
PMI रिपोर्ट के अनुसार सेवा क्षेत्र में लागत का दबाव अभी भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, लेकिन मई में इसमें कमी दर्ज की गई और यह पिछले चार महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. लागत में नरमी आने से कंपनियों को अपनी सेवाओं की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी करनी पड़ी. मई में सेवा शुल्क बढ़ाने की रफ्तार जनवरी के बाद सबसे धीमी रही. रिपोर्ट में कहा गया है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय सेवाओं की मांग मजबूत बनी हुई है.
रोजगार के अवसरों में भी हुआ इजाफा
नए ऑर्डरों और बढ़ती कारोबारी गतिविधियों के चलते सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का सिलसिला जारी रखा. मई में रोजगार सृजन की गति मजबूत रही और यह पिछले लगभग एक वर्ष की दूसरी सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई. इससे बेहतर प्रदर्शन केवल अप्रैल महीने में देखने को मिला था. हालांकि सर्वेक्षण में शामिल 7% से भी कम कंपनियों ने नए कर्मचारियों की भर्ती बढ़ाने की बात कही, जबकि अधिकांश कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया.
क्या बोले एचएसबीसी के विशेषज्ञ?
HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि मई में भारत के सेवा क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों का विस्तार जारी रहा, जिसे नए कारोबार में लगातार बढ़ोतरी का समर्थन मिला. उन्होंने बताया कि भारत से प्रदान की जाने वाली सेवाओं की विदेशी मांग भी तेज हुई. अप्रैल में आई गिरावट के बाद निर्यात आधारित सेवाओं की मांग में अच्छी रिकवरी देखने को मिली. भंडारी ने कहा, इनपुट लागत में महंगाई कम होने से कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव भी घटा है.
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
मई के पीएमआई आंकड़े संकेत देते हैं कि भारत का सेवा क्षेत्र मजबूत मांग, बढ़ते नए ऑर्डर और विदेशी बाजारों से मिल रहे समर्थन के दम पर लगातार विस्तार कर रहा है. लागत दबाव में कमी और रोजगार सृजन में मजबूती भी अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं. इससे आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों को और बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
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