2026 में टेक जॉब्स में 15% तक बढ़ोतरी, 1.25 लाख नई नौकरियां संभव: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
भारत में तकनीकी क्षेत्र की नौकरियों में वर्ष 2026 के दौरान 12 से 15% तक की वृद्धि होने का अनुमान है, जिसमें परमानेंट, टेम्परेरी और कॉन्ट्रैक्ट आधारित पद शामिल होंगे. इस अवधि में करीब 1.25 लाख नई टेक नौकरियां सृजित होने की संभावना जताई गई है. वर्क सॉल्यूशन प्रोवाइडर एडेको इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में तकनीकी प्रतिभा की कमी बढ़कर 44% तक पहुंच गई, जिसके चलते कंपनियों को कुशल कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए अधिक वेतन देना पड़ा और औसतन सैलरी 2024 के मुकाबले 18% बढ़ गई.
इससे कंपनियों के बीच अच्छे कर्मचारियों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. रिपोर्ट में बताया गया कि आर्टिफिशियल एंटेलिजेंस (एआई), डेटा और साइबर सेक्योरिटी से जुड़ी नौकरियों की मांग 51% बढ़ गई है. पहले इन क्षेत्रों को प्रयोग के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब ये कंपनियों की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत बड़ी कंपनियों ने जनरेटिव एआई से जुड़े प्रोजेक्ट को अपने कामकाज में लागू कर दिया है.
रिक्रूटमेंट फर्म के अनुसार, मशीन लर्निंग इंजीनियर, डेटा इंजीनियर और फुल-स्टैक डेवलपर जैसे पदों की मांग में करीब 45 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, खासतौर पर उन पेशेवरों के लिए जिनके पास एआई से जुड़ा अनुभव है. वहीं, स्पेशलिस्ट कर्मचारियों के वेतन में औसतन 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में भर्तियां 2024 की तुलना में 20% तक बढ़ी हैं. इसके अलावा, कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नई भर्तियों में भी 12% की वृद्धि हुई है. इस तेज बढ़त में डीप-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और सॉफ्टवेयर सर्विस से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों की अहम भूमिका रही है.
हालांकि निवेश सीमित रहा, लेकिन जिन कंपनियों के पास एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा से जुड़ी साफ रणनीति थी, उन्होंने अपनी टेक्नोलॉजी और डाटा टीम का विस्तार किया. एडेको इंडिया के प्रोफेशनल स्टाफिंग के निदेशक और बिजनेस हेड संकेत चेंगप्पा ने कहा कि यह धीरे-धीरे बढ़ोतरी दिखाती है कि तकनीकी क्षेत्र अब नए सिरे से मजबूती की ओर बढ़ रहा है, जिससे 2026 में अच्छी रिकवरी की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और परिवहन जैसे क्षेत्र इस बदलाव में सबसे आगे हैं और तकनीक आधारित कुल भर्तियों में इनका हिस्सा करीब 38 प्रतिशत है.
पूरे वर्ष के दौरान गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी भर्तियों की स्थिति मजबूत बनी रही है, क्योंकि उद्योग अब केवल डिजिटल कार्यों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अपने मुख्य संचालन में भी एआई और डेटा का व्यापक उपयोग करने लगे हैं. इसके अलावा, जीसीसी में सरकार, वित्तीय सेवाओं, विमानन, ऊर्जा और रिटेल जैसे गैर-तकनीकी क्षेत्रों की कंपनियों ने करीब 30 प्रतिशत तक भर्तियां बढ़ाई हैं. यह रुझान देश में डिजिटल और साइबर सुरक्षा से जुड़े नियमों के तेजी से लागू होने की ओर भी इशारा करता है.
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