Warehousing Sector: भारत के वेयरहाउसिंग सेक्टर में 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है. जुलाई से सितंबर के दौरान देश के आठ प्रमुख बाजारों में वेयरहाउसिंग स्पेस की लीजिंग सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 1.91 करोड़ वर्ग फुट पहुंच गई. इस तेजी के पीछे विनिर्माण कंपनियों और थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) ऑपरेटरों की बढ़ती मांग प्रमुख वजह रही. गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई.
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान सुस्ती के बाद वेयरहाउसिंग सेक्टर ने तीसरी तिमाही में फिर रफ्तार पकड़ी. विनिर्माण गतिविधियों में तेजी, लॉजिस्टिक्स परिचालन को आउटसोर्स करने का बढ़ता चलन और त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों की ओर से इन्वेंट्री बढ़ाने के फैसले ने इस वृद्धि को मजबूती दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के साथ तेल और माल ढुलाई की ऊंची लागत के बावजूद वेयरहाउसिंग सेक्टर की मांग मजबूत बनी रही. तिमाही के दौरान कुल वेयरहाउसिंग मांग में विनिर्माण कंपनियों और 3PL ऑपरेटरों की संयुक्त हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही.
विनिर्माण कंपनियों और 3PL ऑपरेटरों की मांग में उछाल
वेयरहाउसिंग स्पेस की मांग बढ़ाने में विनिर्माण क्षेत्र की अहम भूमिका रही. ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और इलेक्ट्रिकल उपकरणों का उत्पादन करने वाली कंपनियों की ओर से मांग बढ़ने के कारण इस क्षेत्र में वेयरहाउसिंग लीजिंग सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ गई. वहीं, थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) ऑपरेटरों की ओर से वेयरहाउसिंग स्पेस लीज पर लेने में 27 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई. परिचालन लागत में उतार-चढ़ाव और कारोबार में अधिक लचीलापन बनाए रखने के लिए कंपनियां अपने वेयरहाउसिंग और वितरण से जुड़े काम तेजी से आउटसोर्स कर रही हैं. इससे विशेष लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली कंपनियों की मांग बढ़ रही है.
ई-कॉमर्स, FMCG और FMCD कंपनियों ने भी बढ़ाई मांग
त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ता केंद्रित कंपनियों ने भी अपने वेयरहाउसिंग नेटवर्क का विस्तार किया. रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से वेयरहाउसिंग स्पेस लीज पर लेने में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इसके अलावा, दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाने वाली FMCG कंपनियों की मांग में 101 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़ी FMCD कंपनियों की ओर से वेयरहाउसिंग स्पेस की मांग 43 प्रतिशत बढ़ी. त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों की ओर से स्टॉक बढ़ाने और वितरण नेटवर्क मजबूत करने की कोशिशों का असर इस मांग में दिखाई दिया.
बदल रहा है भारत का वेयरहाउसिंग बाजार: शिशिर बैजल
नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय साझेदार, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और विशेष लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की बढ़ती भूमिका से देश का वेयरहाउसिंग बाजार नए स्वरूप में ढल रहा है. उन्होंने कहा, “भारत का वेयरहाउसिंग बाजार दो महत्वपूर्ण बदलावों से आकार ले रहा है. इनमें घरेलू विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार और विशेष लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं की बढ़ती भूमिका शामिल है. इस क्षेत्र में विकास का अगला चरण केवल लीजिंग की मात्रा पर ही निर्भर नहीं करेगा, बल्कि विनिर्माण और उपभोग केंद्रों की जरूरतों को पूरा करने वाले स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी.” बैजल ने आगे कहा, “उपयुक्त भूमि की उपलब्धता, समय पर मंजूरी और आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश एक ऐसे वेयरहाउसिंग इकोसिस्टम के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होंगे, जो भारत की बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरतों को पूरा कर सके.”