Adani Power Share: मध्य पूर्व में बढ़ते Iran-Israel तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1% की गिरावट के साथ बंद हुए. हालांकि इस उतार-चढ़ाव के बीच पावर सेक्टर के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
BSE Power इंडेक्स 14 महीनों के उच्च स्तर 7,057 अंक पर बंद हुआ. वहीं BSE Utilities इंडेक्स भी लगभग 3% की बढ़त के साथ दिन का सबसे मजबूत सेक्टोरल इंडेक्स रहा.
इन पावर कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल
पावर सेक्टर की कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी Adani Power के शेयर में देखी गई. इसके अलावा JSW Energy, Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) और Torrent Power के शेयर भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए.
Adani Power का शेयर गुरुवार के कारोबार में करीब 9% चढ़कर 152 रुपये तक पहुंच गया. हालांकि सत्र के अंत में यह 149.10 रुपये पर बंद हुआ.
JSW Energy के शेयर भी लगभग 8% की तेजी के साथ ऊपर गए और अंत में करीब 6% बढ़कर 518.40 रुपये पर बंद हुए. वहीं BHEL के शेयर करीब 5.5% बढ़कर 267.90 रुपये पर बंद हुए.
Torrent Power के शेयर भी लगभग 5.5% की तेजी के साथ 1,501.30 रुपये के स्तर पर बंद हुए.
पावर सेक्टर में तेजी की वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार बिजली की बढ़ती मांग और LPG की संभावित कमी के कारण बिजली की कीमतों में डबल डिजिट वृद्धि हो सकती है. इसी वजह से निवेशकों का रुझान पावर सेक्टर की कंपनियों की ओर बढ़ रहा है.
इसके अलावा भीषण गर्मी, डेटा सेंटर की बढ़ती जरूरत और आयातित कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स को फिर से चालू करने की संभावना भी इस तेजी के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.
बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
एक रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार शाम करीब 7 बजे देश में बिजली की मांग 224.6 गीगावाट तक पहुंच गई, जो मार्च महीने के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. यह पिछले साल की तुलना में लगभग 7% अधिक है.
ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ता फोकस
ब्रोकरेज फर्म JM Financial का कहना है कि LNG की ऊंची कीमतें और गर्मी के कारण बिजली की मांग और बढ़ सकती है. ऐसे में शाम के समय की मांग पूरी करने के लिए कोयला आधारित बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सकता है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन सकता है. ICICI Securities के मुताबिक अगर Electricity Amendment Bill पास हो जाता है तो बिजली वितरण कंपनियों की कई समस्याएं कम हो सकती हैं.
यह बिल 2025 में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य बिजली क्षेत्र को आधुनिक बनाना, प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देना और डिस्कॉम्स को आर्थिक रूप से मजबूत करना है.
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