अगले एक दशक में तीन गुना हो सकती है भारत की अर्थव्यवस्था: जेपी मॉर्गन के CEO जेमी डिमन

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

JPMorgan CEO Jamie Dimon: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने बड़ा अनुमान जताया है. उन्होंने कहा कि अगले एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार करीब तीन गुना हो सकता है. साथ ही, उन्होंने बताया कि बैंक आने वाले वर्षों में भारत में अपने कारोबार और परिचालन का विस्तार करने की योजना बना रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिमन ने कहा कि जेपी मॉर्गन को अगले दशक में भारत में अपने कवरेज और परिचालन में तेज वृद्धि की उम्मीद है. बैंक की रिसर्च में 400 कंपनियां शामिल होंगी, जबकि कुल 2,000 कंपनियों को कवर किया जाएगा.

भारत सरकार और कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगा जेपी मॉर्गन

सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जेमी डिमन ने कहा कि जेपी मॉर्गन भारत सरकार और भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहा है. उन्होंने 2005 में अपनी पहली भारत यात्रा के बाद से देश में बैंक के कारोबार के तेजी से हुए विस्तार पर भी बात की. डिमन ने बताया कि वर्ष 2005 में जेपी मॉर्गन के पास भारत में केवल 6,000 कर्मचारी थे. अब कंपनी तकनीकी क्षेत्रों और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 60,000 प्रोफेशनल्स को रोजगार देती है.

फिलहाल 200 भारतीय कंपनियों को कवर करता है बैंक

अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन फिलहाल अपने रिसर्च ऑपरेशन्स के जरिए लगभग 200 भारतीय कंपनियों को कवर करता है. इसके अलावा, बैंक उन बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारतीय कारोबारों के साथ भी काम करता है, जो विदेशों में अपना कारोबार बढ़ाना चाहते हैं. आने वाले दशक में बैंक अपने रिसर्च कवरेज और परिचालन का दायरा बढ़ाने की योजना बना रहा है. इसके तहत रिसर्च में शामिल कंपनियों की संख्या 400 करने और कुल 2,000 कंपनियों को कवर करने की बात कही गई है.

भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की अपील

जेमी डिमन ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का आग्रह किया. उन्होंने दोनों सरकारों से बातचीत के जरिए समझौते को पूरा करने की कोशिश करने और व्यापार व निवेश से जुड़े नियमों में निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया. डिमन ने कहा, “मैं चाहूंगा कि यह पूरा हो जाए, और दोनों सरकारों से बैठकर इसे पूरा करने की कोशिश करने का आग्रह किया.”

वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने कई चुनौतियां

जेपी मॉर्गन के सीईओ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंताएं साझा कीं. उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को लगातार महंगाई, सरकारों पर बढ़ते कर्ज, भू-राजनीतिक तनाव और पूंजी की बढ़ती मांग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. डिमन ने अनुमान जताया कि ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं. उनके मुताबिक, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच पूंजी की मांग में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

AI इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमिलिटराइजेशन से बढ़ सकती है पूंजी की मांग

डिमन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमिलिटराइजेशन के कारण पूंजी की मांग बढ़ सकती है. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश की जरूरत लोगों की मौजूदा सोच से कहीं ज्यादा हो सकती है. उनके मुताबिक, एआई में तेजी से होने वाला निवेश अंततः उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है. इससे अर्थव्यवस्था में डिफ्लेशनरी दबाव भी पैदा हो सकता है.

अगले साल 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है हाइपरस्केलर इकोसिस्टम का खर्च

जेमी डिमन ने हाइपरस्केलर इकोसिस्टम में होने वाले खर्च को लेकर भी अनुमान साझा किया. उन्होंने कहा कि इस साल इस क्षेत्र में खर्च लगभग 700 बिलियन डॉलर था, जबकि अगले साल इसके बढ़कर करीब 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. उनके मुताबिक, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की बढ़ती जरूरत वैश्विक स्तर पर पूंजी की मांग को और बढ़ा सकती है.

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